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रामदेवरा आने से पहले ही लौटाए जा रहे श्रद्धालु, तो पोकरण में बढ़ी चहल-कदमी

- रामदेवरा में मेला, भक्तों के लिए नहीं खुले मंदिर
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 23 Aug 2020, 12:40 PM IST

रामदेवरा आने से पहले ही लौटाए जा रहे श्रद्धालु, तो पोकरण में बढ़ी चहल-कदमी

रामदेवरा आने से पहले ही लौटाए जा रहे श्रद्धालु, तो पोकरण में बढ़ी चहल-कदमी


पोकरण. उमड़ती श्रद्धालुओं की भीड़, सड़कों पर लम्बा रैला, दो किमी तक लम्बी श्रद्धालुओं की कतारें, बाबा के जयकारों से गूंज रहा रुणीचा...। ऐसे ही कुछ नजारे बीते वर्षों में मेले के दौरान रामदेवरा में नजर आते थे, लेकिन कोरोना संक्रमण की महामारी ने हालात को पूरी तरह से बदल दिया है। वर्तमान में रामदेवरा मंदिर बंद पड़ा है, तो देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं को पुलिस समझाइश कर पुन: लौटा रही है। जिससे इस बार रामदेवरा में सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। गौरतलब है कि भगवान श्रीकृष्ण के कलयुगी अवतार बाबा रामदेव की समाधि रामदेवरा में स्थित है। यहां माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया से एकादशी तक मेले का आयोजन होता है। इस बार पूरे विश्व में कोरोना संक्रमण की महामारी चल रही है। ऐसे में ***** मेले को स्थगित किया गया है। दूसरी तरफ श्रद्धालुओं की आवक लगातार जारी है, लेकिन पुलिस उन्हें पुन: लौटा रही है।
पुलिस ने की है कड़ी नाकाबंदी
इस बार मेले को स्थगित करने के बाद प्रशासन व पुलिस ने व्यवस्थाओं को कड़ा कर दिया है। मेले के स्थगित होने के कारण कोई भी श्रद्धालु रामदेवरा नहीं पहुंचे, इसकेे लिए उन्हें समझाइश की जा रही है। हालांकि वाहनोंं व पैदल कच्चे रास्तों से श्रद्धालु रामदेवरा पहुंच रहे है। जिन्हें पुलिस की ओर से मंदिर रोड पर स्थित पुलिए से ही पुन: लौटाया जा रहा है। मंदिर तक नहीं पहुंचने दिया जा रहा है। पोकरण क्षेत्र में जोधपुर रोड पर लवां गांव के पास तथा गोमट गांव के पास पुलिस की ओर से कड़ी नाकाबंदी की गई है। इसी प्रकार रामदेवरा गांव के सभी प्रवेश मार्गों पर पुलिस का जाब्ता तैनात किया गया है।
पोकरण में बढ़ी चहल कदमी
लोकदेवता बाबा रामदेव का पोकरण से भी काफी जुड़ाव रहा है। मान्यताओं के अनुसार बाल्यकाल में बाबा रामदेव ने पोकरण में भैरव राक्षस के आतंक से लोगों को मुक्ति दिलाई। साथ ही उनके गुरु बालीनाथ महाराज का आश्रम भी पोकरण में स्थित है। भैरव राक्षस गुफा पोकरण से दूर पहाड़ी पर स्थित होने के कारण श्रद्धालु वहां तक पहुंच नहीं पाते है। वहीं, तीन वर्षों से बालीनाथ महाराज का आश्रम कुर्क होने के कारण बंद पड़ा है। ऐसे में पुलिस की ओर से रामदेवरा नहीं जाने देने पर श्रद्धालु होटलों व ढाबों में भोजन व विश्राम के बाद पुन: लौट रहे है। हालांकि श्रद्धालु बाजार में पोकरण के बालागढ़ फोर्ट पहुंचते है, लेकिन कोरोना संक्रमण की महामारी के कारण फोर्ट भी बंद पड़ा है। जिससे श्रद्धालु निराश नजर आ रहे है। श्रद्धालुओं की आवक से पोकरण में चहल कदमी अवश्य देखने को मिल रही है।