6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बिना मेले के भी मेले सा माहौल, जिम्मेदार भुला गए नियम-कायदे

- रामदेवरा में ***** मेला स्थगित, लेकिन सैकड़ों श्रद्धालुओं की अभी भी हो रही आवक- न प्रशासन ने की व्यवस्था, न पुलिस की नफरी हुई तैनात

3 min read
Google source verification
बिना मेले के भी मेले सा माहौल, जिम्मेदार भुला गए नियम-कायदे

बिना मेले के भी मेले सा माहौल, जिम्मेदार भुला गए नियम-कायदे


पोकरण. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान द्वारकाधीश के कलयुगी अवतार माने जाने वाले लोकदेवता बाबा रामदेव की समाधि के दर्शनों के लिए गत कई दिनों से प्रतिदिन सैंकड़ों श्रद्धालुओं की आवक हो रही है। जबकि प्रशासन व समाधि समिति की ओर से ***** माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया से एकादशी तक (अधिकारिक ***** मेला) मेले को स्थगित किया गया है। इस आदेश में भी प्रशासन की ओर से कोविड का हवाला दिया गया है, लेकिन अभी आ रहे श्रद्धालुओं में कोरोना के प्रसार को रोकने को लेकर कोई उचित प्रबंध नहीं किए गए है। जिससे कोरोना के बढऩे का खतरा बना हुआ है। गौरतलब है कि लोकदेवता बाबा रामदेव ने रामदेवरा गांव में समाधि ली थी। यहां प्रतिवर्ष ***** माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया से एकादशी तक ***** मेले का आयोजन किया जाता है। इस मेले में 30 से 40 लाख श्रद्धालु समाधि के दर्शनों के लिए आते है। गत वर्ष कोरोना संक्रमण की महामारी के कारण मंदिर को बंद रखा गया था तथा मेले का आयोजन नहीं हुआ। इस वर्ष भी कोरोना संक्रमण की महामारी व तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्रशासन व बाबा रामदेव समाधि समिति की ओर से आगामी सात सितंबर से 17 सितंबर तक मेले का आयोजन नहीं करने का निर्णय लिया गया है। जिसको लेकर उपखंड अधिकारी की ओर से आदेश भी जारी कर दिए गए है तथा समाधि समिति ने भी बुधवार को बैठक कर निर्णय ले लिया है।
श्रद्धालुओं की आवक लगातार जारी
***** मेले से एक माह पूर्व श्रावण माह के शुक्ल पक्ष में श्रद्धालुओं की आवक शुरू हो जाती है। हालांकि कोरोना संक्रमण की महामारी के कारण इस वर्ष श्रावण माह के अंतिम दिनों में श्रद्धालुओं की आवक बढऩे लगी। वर्तमान में प्रतिदिन सैंकड़ों श्रद्धालु रामदेवरा पहुंचकर समाधि के दर्शन कर रहे है। इसके साथ ही पोकरण से रामदेवरा, जोधपुर, बाड़मेर व अन्य मुख्य मार्गों पर पदयात्रियों तथा श्रद्धालुओं के वाहनों का रेला लगा हुआ है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु व पदयात्री रामदेवरा की बढ़ते नजर आ रहे है।
नहीं है प्रशासन व पुलिस के प्रबंध
गौरतलब है कि देश के कई राज्यों में तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है। रामदेवरा में वर्तमान में देश व प्रदेश के कोने-कोने से सैंकड़ों श्रद्धालुओं की आवक हो रही है। जिससे रामदेवरा के मुख्य मार्गों पर चहल पहल नजर आ रही है। इन श्रद्धालुओं में यदि कोई संक्रमित यहां आ जाता है, तो कोरोना के बढऩे का खतरा बना हुआ है। आमतौर पर रक्षाबंधन के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ बढऩे पर पुलिस की ओर से सैंकड़ों की संख्या में पुलिस बल तैनात किए जाते है। इस वर्ष गत कुछ दिनों से भीड़ बढऩे लगी है। बावजूद इसके प्रशासन व पुलिस की ओर से न तो अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है, न ही श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए अब तक कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए है।
नहीं हो रही गाइडलाइन की पालना
***** मेले के दौरान प्रशासन का पूरा लवाजमा रामदेवरा में रहता है, लेकिन अभी तक किसी भी कार्मिक को रामदेवरा में नहीं लगाया गया है। न ही ग्राम पंचायत की ओर से कोई अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। साथ ही पुलिस का अतिरिक्त बल भी तैनात नहीं किया गया है। मात्र रामदेवरा पुलिस थाने के कार्मिकों के साथ कुछ आरएसी के जवान यहां लगाए गए है। उनके लिए रामदेवरा आने वाले सैंकड़ों श्रद्धालुओं को कोविड गाइडलाइन की पालना करवाना मुश्किल हो रहा है। जिसके कारण अधिकांश श्रद्धालु बिना मास्क घूमते देखे जा सकते है तथा सोशल डिस्टेंसिंग की पालना भी नहीं हो रही है। हालांकि समाधि समिति की ओर से बेरीकेडिंग में श्रद्धालुओं की एक लाइन लगवाई गई है तथा मुख्य द्वार पर सैनेटाइजर से हाथ धुलवाने के बाद मास्क के लिए पाबंद किया जा रहा है और सोशल डिस्टेंसिंग भी बनाई जा रही है, लेकिन बेरीकेडिंग से पूर्व भीड़ में ही श्रद्धालु खड़े नजर आ रहे है।
मेले के दौरान होती है संघों की आवक
बीते वर्षों में नजर डालें, तो अधिकांश श्रद्धालु श्रावण व ***** माह की शुरुआत में ही यहां आकर बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन कर लेते है। इनमें भी पदयात्रियों की तादाद अधिक रहती है। ***** मेले के दौरान बड़े संघों के साथ वाहनों में आने वाले श्रद्धालुओं की आवक अधिक रहती है। ऐसे में वर्तमान में भी मोटरसाइकिलों के साथ पैदल आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक है। बावजूद इसके कोरोना प्रबंधन को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
फैक्ट फाइल:-
- 40 लाख श्रद्धालु आते है रामदेवरा
- 20 हजार से अधिक श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे है रामदेवरा
- 10 दिनों तक चलता है ***** मेला
- 2000 से अधिक पुलिस बल होता है मेले में तैनात
की जा रही है समझाइश
रामदेवरा में प्रतिदिन श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंच रहे है। इन श्रद्धालुओं से समझाइश कर घरों में ही रुकने व पूजा-अर्चना करने की अपील की जा रही है। साथ ही गाइडलाइन की पालना के लिए भी श्रद्धालुओं को समझाइश की जा रही है, ताकि कोरोना से बचा जा सके।
- राजेश विश्रोई, उपखंड अधिकारी, पोकरण।