
स्वच्छ भारत अभियान की उड़ रही धज्जियां, नाचना में पटरी से उतरी सफाई व्यवस्था
जैसलमेर/नाचना. गांव में पिछले कई दिनों से साफ-सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। जगह-जगह प्लास्टिक और अन्य गंदे कचरे के जमा ढेर स्वच्छ भारत अभियान का मखौल उड़ाते प्रतीत होते हैं। गौरतलब है कि नाचना ग्राम पंचायत के सरपंच पद के चुनाव नहीं होने के कारण गांव की व्यवस्था का कार्य पंचायत प्रशासन के हाथों सौंप रखा है। पंचायत प्रशासन गांव की सफाई व्यवस्था के संबंध में ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके कारण गांव के विभिन्न मोहल्लों, बाजार व मुख्य चौकों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। गंदे पानी की निकासी के लिए निर्मित नालियां प्लास्टिक व अन्य कचरे से अटी होने पर गंदा पानी ओवरफ्लो होकर बीच रास्ते व सड़क पर बिखर रहा है। जिससे लोगों को आवाजाही करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के शनिदेव मंदिर व पदमसिंह भोमिया मंदिर के बीच सड़क के पास निर्मित गंदे पानी की नाली पर जमा प्लास्टिक व कचरे के ढेर और कीचड़ से दुर्गंध फैली हुई है। आसपास के दुकानदारों व राहगीरों को सर्वाधिक परेशानी पेश आ रही है। मूक पशुओं के प्लास्टिक खा लेने से उनके अकाल मौत मरने की भी आशंका गहराई हुई है।
गांव की स्वच्छता व सुंदरता पर दाग
गांव में प्रवेश करने के मुख्य मार्ग पर गंदगी व कचरे के लगे ढेर व कीचड़ गांव की स्वच्छता व सुंदरता पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर रहा है। हालांकि पंचायत प्रशासन की ओर से गांव में सफाईकर्मी भी नियुक्त किए हुए हैं। सफाईकर्मियों का कहना है कि उनकी ओर से समय-समय पर सफाई कार्य किया जा रहा है लेकिन एकत्र किए गए कचरे को उठाने के लिए पंचायत की ओर से किसी प्रकार का वाहन व साधन उपलब्ध नहीं करवाए जाने से की गई साफ किया गया कचरा व प्लास्टिक पुन: नालियों में जमा हो जाता है। गौरतलब है कि गांव के दौरे पर पिछले दिनों आए कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद से भी इस संबंध में गांववासियों ने पुरजोर ढंग से शिकायत की थी। मंत्री ने ग्राम विकास अधिकारी को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाने के निर्देश भी दिए लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला।
Published on:
06 Jun 2020 08:43 pm
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