3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सरपंच की फर्जी मोहर लगाकर किए जाली हस्ताक्षर और हो गई पट्टों की रजिस्ट्री

- नाचना सरपंच ने दर्ज करवाया धोखाधड़ी का मामला जताया अंदेशा - और भी हो सकते है फर्जीवाड़े के मामले

2 min read
Google source verification
सरपंच की फर्जी मोहर लगाकर किए जाली हस्ताक्षर और हो गई पट्टों की रजिस्ट्री

सरपंच की फर्जी मोहर लगाकर किए जाली हस्ताक्षर और हो गई पट्टों की रजिस्ट्री

नाचना. ग्राम पंचायत की सरपंच ने फर्जी पट्टे बनाकर उनकी रजिस्ट्री करवाने पर पुलिस में मामला दर्ज करवाया है। पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार सरपंच तेजल सोनी ने रिपोर्ट पेश कर बताया कि ग्राम पंचायत नाचना में कुछ लोगों की ओर से फर्जी पट्टे बनाकर उनका नवीनीकरण कर उपतहसील नोख में रजिस्ट्रियां करवाई गई है। उन्होंने बताया कि उनका कार्यकाल छह अक्टूबर 2020 को शुरू हुआ था। कुछ लोगों की ओर से पूर्व में जारी किए गए पट्टे, जिन पर पूर्व सरपंच किशनलाल भील के हस्तक्षर है, उन पट्टों को नवीनीकरण व रजिस्ट्री करवाने के लिए उपतहसील नोख में प्रस्तुत किए। उन दस्तावेजों में धोखाधड़ी करते हुए सरपंच की फर्जी मोहर लगाकर फर्जी हस्ताक्षर कर रजिस्ट्री करवाई गई है। सरपंच ने बताया कि जो पट्टे जारी कर रजिस्ट्री करवाई गई है, उन पट्टों व रसीदों का ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड में कहीं भी अंकन नहीं है, न ही ग्राम पंचायत में कोई दस्तावेज है। इस प्रकार ग्राम पंचायत की करोड़ों रुपए की आवासीय व व्यवसायी भूमि हड़पने का षड्यंत्र किया गया है तथा राज्य सरकार को भी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। साथ ही सरपंच व ग्राम पंचायत की गरिमा व साख को नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि कुछ ऐसे पट्टों की उपतहसील नोख में रजिस्ट्रियां होने की जानकारी मिली है। जिन पर सरपंच के हस्ताक्षर व मोहर लगी हुई, जो फर्जी है।
इन पट्टों का हुआ नवीनीकरण
सरपंच सोनी ने रिपोर्ट में बताया कि उन्हें जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार पट्टा बुक संख्या 346 में केकू पत्नी दुर्गसिंह पट्टा संख्या 14, प्रकाशसिंह पुत्र रतनसिंह पट्टा संख्या 13, दलाराम पुत्र अनाराम पट्टा संख्या नौ, अनाराम पुत्र पूनाराम पट्टा संख्या 10, कायमदीन पुत्र भागूखां पट्टा संख्या 16, भागीरथसिंह पुत्र सुखसिंह पट्टा संख्या चार, टीकूराम पुत्र वीरमाराम के पट्टों पर पूर्व सरपंच किशनलाल भील के हस्ताक्षर है, लेकिन नवीनीकरण कर रजिस्ट्री करवाने में सरपंच तेजल सोनी के फर्जी हस्ताक्षर किए गए है। उन्होंने बताया कि इनके अलावा भी कई फर्जी पट्टे व रजिस्ट्रियां हो सकती है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। मामले की जांच उपनिरीक्षक सहीराम की ओर से की जा रही है।
उपनिवेशन में भी सामने आ चुके है फर्जीवाड़े के मामले
गौरतलब है कि नाचना के उपनिवेशन विभाग में पूर्व में भी ऐसे फर्जीवाड़े हो चुके है। उपनिवेशन विभाग में फर्जी डिग्रियां जारी कर हजारोंं बीघा भूमि कम दामों में आवंटित करने व किसानों की ओर से आवंटित भूमि की किश्तों की राशि जमा करवाने के बाद विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज नहीं कर करोड़ों रुपए की अनियमितता के मामले सामने आ चुके है, जिनकी जांच की जा रही है। अब नाचना ग्राम पंचायत में पट्टों में फर्जी हस्ताक्षर व मोहर का मामला सामने आया है। जिसकी जांच पुलिस की ओर से शुरू की गई है।