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ग्लोबल फिल्म हब: जैसलमेर बना बॉलीवुड-हॉलीवुड का पसंदीदा शूटिंग स्थल

भारत-पाकिस्तान की सीमा से सटा जैसलमेर अब केवल पर्यटन नहीं, बल्कि फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बनता जा रहा है।

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भारत-पाकिस्तान की सीमा से सटा जैसलमेर अब केवल पर्यटन नहीं, बल्कि फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बनता जा रहा है। ऐतिहासिक धरोहर, सुनहरे रेतीले टीले और प्राकृतिक खूबसूरती इसे बॉलीवुड, टॉलीवुड और हॉलीवुड फिल्मों के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन बना रहे हैं। इस साल अप्रैल और जुलाई में दो दक्षिण भारतीय फिल्मों और एक हॉलीवुड पीरियड फिल्म की शूटिंग जैसलमेर में तय हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जैसलमेर को सालभर नियमित हवाई सेवा मिल जाए तो शूटिंग से होने वाला सालाना व्यवसाय में करीब 60 करोड़ की और बढ़ोतरी होगी। मौजूदा समय में यह व्यवसाय करीब 40 करोड़ माना जा रहा है।

50 वर्षों से बना फिल्मों का गढ़

-1970 में सुनील दत्त की च्रेशमा और शेराज् से जैसलमेर में शूटिंग की शुरुआत हुई थी।

  • सत्यजीत रे की 1974 में च्सोनार किलाज् ने जैसलमेर के दुर्ग को नया नाम और पहचान दी।-अक्षय कुमार की वर्ष 2022 में च्बच्चन पांडेज् का दो महीने लंबा शूट जैसलमेर में हुआ।
  • दक्षिण के सुपरस्टार रजनीकांत और मोहनलाल की च्जेलरज् जैसलमेर में शूट हुई।-हॉलीवुड सुपरस्टार जैकी चेन की च्वेनगार्डज् की शूटिंग जैसलमेर दुर्ग और गड़ीसर झील पर हुई थी।
  • मलाईकोटाई व अपूर्वा जैसी वेब सीरीज और कई कॉमर्शियल एड्स भी जैसलमेर में फिल्माए जा चुके हैं।-लोकल रोजगार को बढ़ावा, एक्स्ट्रा कलाकार, ट्रांसपोर्ट, होटल व्यवसायी लाभान्वितफैक्ट फाइल: जैसलमेर में शूटिंग इंडस्ट्री का योगदान-30-40 करोड़ रुपए सालाना व्यवसाय, होटल, ट्रांसपोर्ट, लोकल आर्टिस्ट्स को फायदा

-3 बड़ी फिल्मों की शूटिंग 2025 में तय, दो टॉलीवुड और एक हॉलीवुड फिल्म

-55 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ, भारतीय और विदेशी निर्माताओं को आर्थिक प्रोत्साहन

-50 साल का ऐतिहासिक कनेक्शन, च्रेशमा और शेराज् से च्वेनगार्डज् तक सिलसिला जारी

राजस्थान सरकार की नीति और बढ़ती शूटिंग का प्रचलन

राजस्थान सरकार भारतीय फिल्मों को 15 प्रतिशत यानी अधिकतम 2 करोड़ और विदेशी फिल्मों को कुल 55 प्रतिशत तक की सब्सिडी दे रही है। जयपुर, उदयपुर और शेखावाटी पहले से ही शूटिंग हब बन चुके हैं। कोटा, बूंदी और बीकानेर भी इस सूची में शामिल हो रहे हैं। जैसलमेर में सुविधाएं बढऩे से यह राजस्थान का तीसरा सबसे बड़ा शूटिंग हब बन सकता है।

बाधा: हवाई और रेल कनेक्टिविटी की कमी

जैसलमेर में नियमित हवाई सेवा नहीं होने से फिल्मकारों को शूटिंग में दिक्कतें आती हैं।
जयपुर, उदयपुर और जोधपुर जैसी लॉन्ग डिस्टेंस ट्रेन कनेक्टिविटी जैसलमेर को नहीं मिल रही। यदि साल भर विमान सेवा और लंबी दूरी की ट्रेनें शुरू हो जाएं, तो शूटिंग व्यवसाय में कम से कम 60 करोड़ रुपए की वृद्धि संभव है।

एक्सपर्ट व्यू: कनेक्टिविटी मजबूत हुई तो 100 करोड़ का लक्ष्य भी संभव

फिल्म शूटिंग व्यवस्थापक तनसिंह का कहना है कि जैसलमेर में हर प्रकार की फिल्म शूटिंग के लिए परफेक्ट लोकेशंस हैं, लेकिन कनेक्टिविटी बाधा बन रही है। यदि नियमित विमान सेवा मिल जाए, तो जैसलमेर राजस्थान का सबसे बड़ा शूटिंग हब बन सकता है। जयपुर और उदयपुर की तरह जैसलमेर को भी साल भर उड़ानें और बेहतर रेल सेवाएं मिलनी चाहिए। ऐसा होने से फिल्म शूटिंग का ग्राफ तेजी से बढ़ेगा और जैसलमेर 100 करोड़ क्लब में शामिल हो सकता है।

…. तो और बढ़ेगा मुनाफा

जैसलमेर में मौजूदा समय में फिल्म शूटिंग से करीब 40 करोड़ रुपए का व्यवसाय हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कनेक्टिविटी की समस्या हल हो जाए, तो यह कारोबार कई गुना बढ़ सकता है। अनुमान के मुताबिक हवाई सेवाओं में 10 करोड़, होटल सेक्टर में 25 करोड़, टूर्स-ट्रेवल्स में 15 करोड़ और कैटरिंग व अन्य सेवाओं में 10 करोड़ का इजाफा संभव है।