
Govt officials taking benefit to watch free movie avoiding children
जैसलमेर। 45 डिग्री तापमान में कलक्ट्रेट परिसर में अपने नंबर का इंतजार कर रहे स्थानीय बाशिंदो को उस समय मायूस होना पड़ता है, जब एक अधिकारी पहुंचकर व्यवस्थाओं में जुड़े लोगों को अपने साथ आए अधिकारियों व कर्मचारियों को सबसे पहले मूवी दिखाने का फरमान जारी करता है, वह भी बिना रजिस्टर में एंट्री इंद्राज कराए बिना। जब इंतजार थमता है तो फिर से एक अधिकारी पहुंचकर अपने साथ अन्य कर्मचारियों को सबसे पहले मूवी दिखाने को फरमान फिर से जारी करता है। व्यवस्थाओं में जुटे कर्मचारियों को समझ में नहीं आता कि वे क्या करें?
बदस्तूर जारी रहता है यह सिलसिला
दिन में अधिकांश समय यह सिलसिला बदस्तूर जारी रहता है और परेशान होते है स्थानीय बाशिंदे। थक हारकर उन्हें अपने बच्चों को बिना फिल्म दिखाए ही लौटना पड़ता है। आपको बता दें कि सिनेमा की नवीनतम तकनीक को लोकप्रिय बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग की ओर से मोबाइल वेन पर सात दिन तक नि:शुल्क फिल्म दिखाने की पहल की गई है।
आईडी प्रूफ से एंट्री जरूरी
फिल्म को दिखाने से पूर्व बाकायदा आईडी प्रूफ से एंट्री कराना जरूरी है, ताकि नि:शुल्क दिखाई जाने वाली मूवी को एक व्यक्ति एक बार ही देख सके। पत्रिका पड़ताल में यह बात सामने आई है कि जैसलमेर में जिला कलक्टर कार्यालय के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के सामने 16 सीटर एयर कंडीशनर 7 डी सिनेमा वेन में दिखाई जा रही एनीमेशन मूवी बच्चों व महिलाओं की संख्या कम देखने को मिल रही है। कारण यह है कि मूल रूप से बच्चों के लिए 7डी मूवी का लुत्फ चंद अधिकारी व कर्मचारी ही बार-बार उठा रहे हैं।
सरकारी अफसरों के फरमान से बेबस
पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि इन लोगों की एंट्री भी नहीं की जाती। उधर, व्यवस्थाओं से जुड़े लोग सरकारी अफसरों के फरमान से बेबस हैं। धूप में काफी देर खड़े रहने के बाद भी नंबर नहीं आने पर कई लोग वापिस लौट जाते हैंं। उधर, एक बार ही मूवी देखने का नियम होने के कारण सरकारी महकमों के कई अधिकारी व कर्मचारी बिना एंंट्री ही बार-बार फिल्म देखने जा रहे हैं। वेन में 16 सीट ही होने से आमजन को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
Published on:
09 Jun 2018 12:56 pm
