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हरयाळो राजस्थान….. रेगिस्तान की सांसों में हरियाली का मधुर स्पंदन

तपते थार में जब कोई पौधा धरती पर आश्रय लेता है, तो केवल एक वृक्ष नहीं उगता - उगती है आशा, हरियाली और आने वाले कल की उम्मीद।

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तपते थार में जब कोई पौधा धरती पर आश्रय लेता है, तो केवल एक वृक्ष नहीं उगता - उगती है आशा, हरियाली और आने वाले कल की उम्मीद। राजस्थान पत्रिका के हरयाळो राजस्थान अभियान के अंतर्गत मोहनगढ़ के 2- एमडी महादेव नगर स्थित पीएमश्री राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में ऐसा ही एक दृश्य साकार हुआ, जब 128 इको टास्क फोर्स के सहयोग से सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित हुआ। विद्यालय परिसर और खेल मैदान में 500 पौधे लगाए गए और 1000 पौधे ग्रामीणों, विद्यार्थियों व अभिभावकों को सौंपे गए — एक अनुरोध के साथ कि वे इन्हें केवल उगाएं नहीं, बल्कि पालें, सींचें और जीवन का हिस्सा बनाएं। कार्यक्रम का शुभारंभ ईटीएफ के कमान अधिकारी कर्नल मोहनसिंह राठौड़ की उपस्थिति में गुलमोहर के पौधे के रोपण से हुआ। छात्राओं ने तिलक लगाकर व मुंह मीठा कराकर अतिथि का स्वागत कियाऔर सरपंच राजूराम बिश्नोई ने शॉल ओढ़ाकर उनका सम्मान किया। वातावरण में एक ओर देशभक्ति की गरिमा थी, तो दूसरी ओर हरियाली के प्रति समर्पण की अनुभूति। आयोजन में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ विद्यालय विकास समिति अध्यक्ष बलवंत सिंह राजपुरोहित, प्रधानाध्यापक स्वरूप सुथार, मोहनगढ़ भाजपा मंडल अध्यक्ष जोगराज सिंह राजपुरोहित, उप सरपंच प्रतिनिधि नग सिंह राजपुरोहित,तेजराज सिंह, मि_ू सिंह, शंकर सिंह सेवड़, पाबू सिंह, कोजराज सिंह, कुलदीप चौधरी के अलावा स्थानीय शिक्षक, अभिभावक और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने पौधों की सेवा और संरक्षण का संकल्प लिया। युवा एवं खेल मंत्रालय द्वारा मेरा युवा भारत के तहत एक पेड़ मां के नाम के समन्वय ठाकुर राम ने भी सहयोग किया।

वृक्षों को परिवार की तरह संजोना होगा: कर्नल राठौड़

कर्नल राठौड़ ने अपने विचार साझा करते हुए कहा — वृक्ष केवल छाया नहीं देते, वे जीवन को संजीवनी देते हैं। यदि हमें भावी पीढिय़ों को शुद्ध हवा, जल और हरियाली देनी है, तो हमें वृक्षों को परिवार की तरह संजोना होगा। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे हर पौधे को अपने मित्र की तरह अपनाएं और उसका पोषण करें। प्रधानाध्यापक स्वरूप सुथार ने कहा कि उक्त आयोजन बच्चों को प्रकृति से जोडऩे की एक भावनात्मक पहल है। यह केवल एक पौधारोपण नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के हृदय में जिम्मेदारी का बीज बोने जैसा है। जब बच्चा पौधा लगाएगा और उसे बड़ा होते देखेगा, तो उसमें संवेदना और सजीवता दोनों विकसित होंगी। अभियान के दौरान उक्त आयोजन केवल विद्यालय परिसर तक सीमित नहीं रहा — इसने समूचे मोहनगढ़ क्षेत्र को पर्यावरणीय चेतना से जोड़ दिया। ग्राम पंचायत बांकलसर के सरपंच राजूराम बिश्नोई ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण की हम सभी की जिम्मेदारी है। आज जो यह पौधे लगाए जा रहे हैं उनकी सुरक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है।