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ब्रह्मसर की भूमि में स्वर्ग जैसा आनंद: आचार्य मनोज्ञसूरीश्वर

जैसलमेर. कुशल दर्शन मित्र मण्डल बाड़मेर व कुशल युवा मंडल जैसलमेर की ओर से पौष पूर्णिमा पर विशेष गुरू दर्शन यात्रा का आयोजन किया गया।
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ब्रह्मसर की भूमि में स्वर्ग जैसा आनंद: आचार्य मनोज्ञसूरीश्वर

ब्रह्मसर की भूमि में स्वर्ग जैसा आनंद: आचार्य मनोज्ञसूरीश्वर

जैसलमेर. कुशल दर्शन मित्र मण्डल बाड़मेर व कुशल युवा मंडल जैसलमेर की ओर से पौष पूर्णिमा पर विशेष गुरू दर्शन यात्रा का आयोजन किया गया। कुशल दर्शन मित्र मण्डल के पुखराज म्याजलार व राजू वडेरा ने बताया कि पौष पूर्णिमा के उपलक्ष्य में बाड़मेर, लौद्रवपुर व ब्रह्मसर तीर्थ की यात्रा कराई गई। वडेरा ने बताया कि यात्रा संघ में 1 बस व अन्य छोटे वाहनों के साथ सैकड़ो गुरुभक्तो के साथ सैकड़ो यात्री स्थानीय आराधना भवन बाड़मेर से रवाना होकर संघ लौद्रवपुर तीर्थ पहुंचा, जहां पाŸवनाथ दादा के दर्शन कर पूजा अर्चना की गई और मनोकामना पूर्ण करने वाला कल्पवृक्ष, अधिष्ठायक नागदेवता, प्राचीन रथ सहित अधिष्ठायक घंटाकर्ण महावीर देव व दादा गुरूदेव के दर्शन वंदन का लाभ लिया। इस अवसर पर शांति स्नात्र महापूजन का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारो ने पूजन में पाŸवनाथ दादा के भजनों की प्रस्तुतियां दी। पूजन के बाद संघ लौद्रवपुर से ब्रह्मसर की ओर प्रस्थान कर गया। कुशल दर्शन मित्र मण्डल के भुरचंद सियाणी व रमेश कानासर ने बताया कि ब्रह्मसर दादावाडी प्रांगण में दादा जिन कुशलसूरी गुरूदेव के चरण पादुकाओं के आगेे पूर्णिमा को गुरु के नव अंगों की केशर से पूजा की गई व दोपहर में आचार्य जिनमनोज्ञसूरीश्वर एवं मुनि नयज्ञ सागर के सानिध्य गुरु के चरणों मे अष्ट प्रकारी महापूजन का आयोजन किया गया। आचार्य श्री ने कहा कि ब्रह्मसर की पावन भूमि में स्वर्ग जैसा आनन्द प्राप्त होता है। कुशल युवा मण्डल जैसलमेर के सरूपचंद बागचार नेे बताया कि प्रकाश पारख एंड पार्टी की ओर से भजनों की प्रस्तुतियां दी गई। स्थानीय कलाकार अशोक बोथरा की ओर से पेश भजन गुरुवर तेरे चरणों की थोड़ी धूल, जो मिल जाये एवं पूनम का है दिन दादा आज थाने आणो है भजन पर भक्त जमकर झूमे। बागचार ने बताया कि महापूजन के बाद महाआरती का आयोजन किया गया। विमलनाथ भगवान की आरती मदनलाल पोकरदास बोथरा गुड़ा वाले, मंगल दीपक ओमप्रकाश हरिराम बोथरा, दादा गुरुदेव की आरती आदमल भगवानदास छाजेड़, मंगल दीपक प्रकाशचन्द शिवलालचंद मालू रंगाला वाले, भेरूजी की आरती का लाभ, मोतीलाल नरेन्द्र कुमार कोचर फलोदी वाले हाल बालोतरा वालो ने लिया।