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होली पर भारी परीक्षा का बुखार : एक महीने तक सिलेबस के रंग में रंगे विद्यार्थी

होली के हुड़दंग और मस्ती में जहां पूरा जैसाण रंगने को तैयार है, वहीं हजारों विद्यार्थियों की दुनिया फिलहाल परीक्षा के तनाव में सिमटी हुई है।

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होली के हुड़दंग और मस्ती में जहां पूरा जैसाण रंगने को तैयार है, वहीं हजारों विद्यार्थियों की दुनिया फिलहाल परीक्षा के तनाव में सिमटी हुई है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के कारण इस बार रंग-गुलाल पीछे छूट गया है और किताबों का बोझ सिर पर चढक़र बोल रहा है। परीक्षा का शेड्यूल भी ऐसा है कि गत 6 मार्च को शुरू हुई परीक्षा का दौर और 7 अप्रैल तक चलेगा। यानी पूरे एक महीने तक विद्यार्थी सिलेबस के रंग में डूबे रहेंगे।

पहले नंबर, फिर गुलाल

विद्यार्थियों के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण है। 10वीं के छात्र विवेक गोदारा कहते हैं कि पहले होली की मस्ती रहती थी, लेकिन इस बार किताबों की दुनिया में ही खो गए हैं। पहले पेपर पास करें, फिर जश्न मनाएंगे। इसी तरह 12वीं की छात्रा सोनाली व्यास बताती हैं कि घर में सब होली की तैयारी कर रहे हैं और मैं नोट्स में उलझी हूं। इस बार रंगों की जगह सिलेबस के पन्ने पलट रहे हैं। विज्ञान वर्ग के छात्र हर्षितसिंह का कहना है कि इस बार रंग चेहरों पर नहीं, कॉपियों पर बिखरेंगे। सबसे बड़ा त्यौहार अब परीक्षा पास करना है!

पहले मेहनत, फिर मस्ती

विद्यार्थियों की प्राथमिकता अब साफ है—पहले परीक्षा, फिर पर्व। जैसलमेर में इस बार हाथों पर गुलाल नहीं, बल्कि कलम की स्याही नजर आ रही है, लेकिन जैसे ही आखिरी परीक्षा खत्म होगी, जैसलमेर के ये हजारों विद्यार्थी अपनी 'पेंडिंग होली' को पूरे जोश से मनाएंगे।