20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यहां आरआइ व पटवारी करते है पूजा-अर्चना व आरती

- 4 सालों से बाबा रामदेव के गुरु के दर पर प्रशासन का पहरा- पोकरण में आपसी विवाद के कारण कुर्क है आश्रम

3 min read
Google source verification
यहां आरआइ व पटवारी करते है पूजा-अर्चना व आरती

यहां आरआइ व पटवारी करते है पूजा-अर्चना व आरती


पोकरण (जैसलमेर). लोकसेवक आमजन की समस्याओं के निस्तारण के लिए तो कार्य करते ही है, लेकिन सरहदी जैसलमेर जिले की परमाणु नगरी पोकरण में एक ऐसा मंदिर स्थित है, जहां राजस्व विभाग के भू-अभिलेख निरीक्षक व पटवारी पूजा-अर्चना कर आरती करते है। साथ ही प्रशासन की ओर से यहां पूजा-अर्चना सहित अन्य व्यवस्थाएं की जा रही है। रामदेवरा गांव में स्थित जन-जन की आस्था के प्रतीक लोकदेवता बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ महाराज का आश्रम पोकरण में स्थित है। यहां गत चार वर्षों से भू-अभिलेख निरीक्षक आरती बोलता है और पटवारी पूजा करता है। इन दिनों चल रहे ***** मेले के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था के चलते मंदिर को दर्शनों के लिए खोला गया है। यहां सरकारी कर्मचारियों की ओर से पूजा-अर्चना व आरती की जा रही है। दूसरी तरफ प्रशासन की देखरेख के बावजूद यहां सुविधाओं का विस्तार नहीं किए जाने से श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है।
यह हैै आश्रम का धार्मिक महत्व
गौरतलब है कि बालीनाथ महाराज लोकदेवता बाबा रामदेव के गुरु थे। जिनका आश्रम पोकरण कस्बे में रामदेवसर व सालमसागर तालाब के पास स्थित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी आश्रम में बाबा रामदेव की भैरव राक्षस से भेंट हुई थी। बाबा रामदेव ने कस्बे से पांच किमी दूर स्थित पहाड़ी पर एक गुफा में भैरव राक्षस को बंद कर उस गुफा को बड़ी शिला से बंद कर दिया। ऐसे में गुरु बालीनाथ महाराज का आश्रम बाबा के इतिहास से जुड़ा होने के कारण श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केन्द्र है। रामदेवरा आने वाले अधिकांश श्रद्धालु पोकरण आकर बालीनाथ आश्रम में स्थित उनके धूणे के दर्शन करने के बाद ही अपनी यात्रा को पूर्ण समझते है।
चार वर्षों से है कुर्क
बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ महाराज का पोकरण में आश्रम स्थित है। यहां तीन परिवारों की ओर से बारी-बारी पूजा-अर्चना की जाती थी। वर्ष 2018 में पुजारियों के बीच पूजा को लेकर विवाद हो गया। विवाद के बाद उपखंड अधिकारी की ओर से मंदिर को कुर्क कर दिया गया। कुर्की के बाद यहां उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मेले के दौरान यहां प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर पूजा की व्यवस्था की गई। इसके अलावा यहां व्यवस्थाओं की जिम्मेवारी भी प्रशासन की ओर से ली गई। आम दिनों में यहां प्रशासन की ओर से एक व्यक्ति की नियुक्ति की गई है, जो प्रतिदिन सुबह व शाम के समय यहां आकर पूजा व आरती करता है। ***** मेले के दौरान दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ जाने के कारण कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाती है तथा उनकी देखरेख में व्यवस्थाएं की जाती है।
एक आरआई व तीन पटवारी है नियुक्त
प्रशासन की ओर से आश्रम में पूजा-अर्चना व आने वाली चढ़ावे की राशि का हिसाब रखने के लिए भू-अभिलेख निरीक्षक माधवसिंह रतनू को प्रभारी लगाया गया है। इसके अलावा तीन पटवारी नियुक्त किए गए है। साथ ही जसराज गुचिया को पुजारी के रूप में लगाया गया है।
अव्यवस्थाओं से परेशान हो रहे श्रद्धालु
आश्रम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूर्व में पुजारियों की ओर से छाया, पानी सहित अन्य व्यवस्थाएं की जाती थी। गत चार वर्षों से प्रशासन की ओर से आश्रम में पूजा-अर्चना की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन की ओर से मेले के दौरान आश्रम को करीब 16 घंटे खुला रखकर यहां पूजा-अर्चना की व्यवस्था तो कर दी गई है, लेकिन यहां सुविधाओं के नाम पर भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। ***** मेले के कारण यहां प्रतिदिन सैंकड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे है और लम्बी कतारें लग रही है। भीषण गर्मी के बावजूद यहां छाया, पानी, रोशनी, हवा की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लम्बी कतार के दौरान श्रद्धालुओं को तेज धूप में खड़े रहना पड़ता है। इसके अलावा यहां पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं का बेहाल हो रहा है। आश्रम में श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद यहां रोशनी व हवा की कोई व्यवस्था नहीं है। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
नहीं है पुलिस का जाब्ता
रामदेवरा में बाबा रामदेव की समाधि के दर्शनों के लिए प्रतिदिन 15 से 20 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे है। इनमें से आधे से अधिक श्रद्धालु पोकरण में बालीनाथ महाराज के आश्रम के दर्शनों के लिए पहुंचते है। जिनकी सुरक्षा को लेकर कोई व्यवस्था नहीं है। यहां आए दिन चोरी व जेब कटने की घटनाएं हो रही है। साथ ही कुछ चोर गिरोह वाहनों में तोडफ़ोड़ कर सामान चोरी कर रहे है। बावजूद इसके पुलिस की ओर से यहां सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं की जा रही है।
की जाएगी छाया पानी की व्यवस्था
आश्रम में छाया, पानी व सफाई के लिए नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी को लिखा गया है। साथ ही सुरक्षा के लिए पुलिस को लिखा गया है। शीघ्र ही श्रद्धालुओं के लिए छाया, पानी, सफाई व सुरक्षा की व्यवस्था की जाएगी।
- बंटी राजपूत, तहसीलदार, पोकरण।