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…यहां विद्यालय भवन व चार दीवारी की जर्जर हालत, जिम्मेदार बेपरवाह

पीपलोद के विद्यालय के एक कक्षा कक्ष की छत के ढहने से सात मासूमों की मौत हो गई थी। उसके बाद जिले के पूनमनगर में मुख्य द्वार व उस पर लगे पत्थरों के गिरने से एक मासूम की मौत हो गई।
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

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Updated: 28 Jul 2025, 9:09 PM IST


पीपलोद के विद्यालय के एक कक्षा कक्ष की छत के ढहने से सात मासूमों की मौत हो गई थी। उसके बाद जिले के पूनमनगर में मुख्य द्वार व उस पर लगे पत्थरों के गिरने से एक मासूम की मौत हो गई। हादसों को देखकर जिला प्रशासन ने हल्का पटवारियों को अपने अपने क्षेत्र के विद्यालयों का निरीक्षण कर विद्यालय भवन, पानी के टांकों, चारदीवारी, शौचालयों आदि की वास्तवित िस्थति की रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए। इसी को लेकर मोहनगढ हल्का पटवारी दयाल सिंह ने भी विद्यालयों का निरीक्षण कर विद्यालय भवनों की िस्थति की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी गई। क्षेत्र के कई विद्यालयों के भवन जर्जर हालत में मिले। ऐसा कोई विद्यालय भवन नहीं मिला, जिसमें पानी नहीं टपकता हो। कई विद्यालयों में कक्षा कक्ष जर्जर हालत में मिले तो कई में पानी का टांके, शौचालय, चार दीवारी, मुख्य द्वार क्षतिग्रस्त मिले। जिनकी तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को प्रेषित की गई। बताया जाता है कि शिक्षकों ने पिछले कई सालों से ग्राम पंचायत, शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन, विधायक, जन प्रतिनिधियों आदि को विद्यालय के जर्जर भवनों से अवगत कराया है, लेकिन सि्थति जस की तस बनी हुई है।