4 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Holi news : रंगों की बारिश में नहा उठी स्वर्णनगरी, चहुंओर उत्साह का आलम

- धुलंडी पर्व पर स्वर्णनगरी अलग ही रूप में नजर आई। सोनार किले में इस साल भी परंपरागत रूप से बादशाह की परंपरा का निर्वहन किया गया। सुबह से ही गली-मोहल्लों में होली की धमचक शुरू हो गई। फाग गीत गाते हुए युवाओं की टोलियां रंग लिए रवाना हुई, यह धमचक दोपहर तक चलती रही।

2 min read
Google source verification
Holi news : रंगों की बारिश में नहा उठी स्वर्णनगरी, चहुंओर उत्साह का आलम

Holi news : रंगों की बारिश में नहा उठी स्वर्णनगरी, चहुंओर उत्साह का आलम

जैसलमेर. यहां उत्साह का माहौल था तो उल्लास तो खुशियों के रंग भी बिखरे नजर आए। चहुंओर मस्ती थी तो अपनत्व के साथ रिश्तों में मिठास भी। स्वर्णनगरी में सोमवार को धुलंडी पर्व पर स्वर्णनगरी अलग ही रूप में नजर आई। जिले में होली पर्व की धमचक के दौरान हर कोई रंग व गुलाल से नहाया नजर आया। स्वर्णनगरी में रंगों का पर्व होली परंपरागत रुप से मनाया गया, वहीं ग्रामीणांचलों में भी होली के दिन लोगों का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। रंग, गुलाल व अबीर से सराबोर स्वर्णनगरी के बाशिन्दों ने एक दूसरे के गले मिलकर जमकर होली खेली और एक दूसरे को होली पर्व की शुभकामाएं दी। सोनार किले में इस साल भी परंपरागत रूप से बादशाह की परंपरा का निर्वहन किया गया। सुबह से ही गली-मोहल्लों में होली की धमचक शुरू हो गई। फाग गीत गाते हुए युवाओं की टोलियां रंग लिए रवाना हुई, यह धमचक दोपहर तक चलती रही। शहर के गली-मोहल्लों सहित गांवों में परम्परागत रूप से होलिका दहन किया गया। लोगों ने शुभ मुहूर्त में होलिका दहन पारंपरिक फाग गीत गाए और अपनी खुशी का इजहार किया। बादशाही बरकरार हर बार की तरह इस बार भी होली पर्व पर बादशाह की परंपरा का निर्वहन किया गया, जो कि देशी-विदेशी सैलानियों के लिए भी आकर्षण का विशेष केन्द्र रहा। बादशाह व शहजादे की सवारी दुर्ग के विभिन्न मोहल्लों से होती हुई लक्ष्मीनाथ मंदिर पहुंची। सिंहासन पर बैठे बादशाह व शहजादे की जयकारे के रूप में बादशाही बरकरार, शहजादा सलामत के उद्घोष व उनके सामने ढोल की थाप पर लयबद्ध तरीके से फाग गीत गाते गेर रसियों ने वातावरण में अनोखा समां बांध दिया। शहर के कोने-कोने से लोग सोनार दुर्ग के व्यास पाड़ा में एकत्रित हुए। इस अवसर पर रमेश व्यास बादशाह बने। दिन चढऩे के साथ जमा रंग, निकली गेरें होली के मौके पर परंपरागत गेरें भी निकली और फाग गीत गाए गए। होली पर्व पर शहर के मुख्य बाजारों में रौनक देखते ही बनती थी। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया होली का रंग भी जमता गया। मुख्य बाजार की सड़कें, गलियों के ओटों पर रंग व गुलाल जम गए और रंग-बिरंगे रंग चारों और नजर आने लगे। यहां आए हुए होली के त्यौहार पर पूर्व में शांत दिखाई दे रहे चंग भी आखिर बज ही उठे।