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भयावह हालात, अंधेरे में आमजन : 232 जने और आए संक्रमित, 24.89 प्रतिशत पॉजिटिविटी दर

-संक्रमण की पूरी जानकारी देने से कतरा रहा विभाग-महीनों का आंकड़ा, दिनों में छुआ

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भयावह हालात, अंधेरे में आमजन : 232 जने और आए संक्रमित, 24.89 प्रतिशत पॉजिटिविटी दर

भयावह हालात, अंधेरे में आमजन : 232 जने और आए संक्रमित, 24.89 प्रतिशत पॉजिटिविटी दर

जैसलमेर. जिले में कोरोना संक्रमण की तेज रफ्तार रविवार को भी नहीं थमी और 932 जनों की रिपोर्ट में 232 जने पॉजिटिव आए। इस तरह से करीब एक-चौथाई संदिग्ध संक्रमित पाए गए। यह आंकड़ा प्रति सौ में 24.89 प्रतिशत रहा। जिले में अब कुल संक्रमितों का आंकड़ा 3792 हो गया है। एक्टिव केसेज बढ़कर 800 के पार हो गए हैं। इस बीच लोगों को यह तक पता नहीं चल पा रहा है कि किस गांव या शहर के किसी मोहल्ले अथवा आवासीय कॉलोनी में कितने संक्रमित पाए गए हैं। पूर्व की भांति अब न तो बैरिकेटिंग की जा रही है और न ही संक्रमितों के घर पर पर्चे चिपकाए जा रहे हैं। इससे आम जिलावासी एक तरह से अंधेरे में हैं। चिकित्सा विभाग अब तक संक्रमितों के मोटे तौर पर रहने के ठिकाने तक बताने की व्यवस्था नहीं कर पाया है। अलबत्ता जैसलमेर शहर के लिए यह राहत की बात रही कि रविवार को यहां 15 जने ही संक्रमित पाए गए। पिछले दिन यह आंकड़ा सौ पार था। सीएमएचओ डॉण् कमलेश चैधरी ने बताया कि कुल 232 में 52 जैसलमेर ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों, 56 सम ब्लॉक में, 64 पोकरण ब्लॉक के ग्रामीण इलाकों, 45 पोकरण शहर व 15 जैसलमेर शहर में पॉजिटिव आए।
15 रोगी ऑक्सीजन पर
सीएमएचओ के अनुसार जैसलमेर के जिला अस्पताल में 46 कोविड रोगी भर्ती होकर इलाज करवा रहे हैं। उनमें 15 ऑक्सीजन पर हैं। इसी तरह से कोविड केयर सेंटर में 18 जने रह रहे हैं तथा 700 से अधिक होम आइसोलेट हैं। जिले में चालू अप्रेल माह में ही कोरोना रोजाना नए स्तर को छू रहा है। पूर्व में जितने मामले कई महीनों को मिलाकर भी नहीं आए, उससे ज्यादा अप्रेल के पिछले 20 दिनों में आ चुके हैं। यह आंकड़ा अब 1200 से पार है।
बच्चे भी महफूज नहीं
एक जानकारी के अनुसार कोरोना की दूसरी लहर में छोटे बच्चे तथा किशोर वय के लड़के.लड़कियां भी कोरोना से पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। बताया जाता है कि इन बच्चों की उम्र तीन से पंद्रह वर्ष के बीच है। जबकि गत वर्ष बहुत कम संख्या में ही बच्चे पॉजिटिव आए थे। इस बार बच्चों के कोरोना से कम प्रभावित होने का मिथक टूटा है।