
कैसे होगी जल शुल्क की राशि की वसूली ?
जैसलमेर. राजस्थान के जिन चुनिंदा शहरों में जलापूर्ति व्यवस्था स्थानीय निकाय के हवाले है, उनमें जैसलमेर शामिल है। यहां पेयजल की आपूर्ति का जिम्मा नगरपरिषद को दिया हुआ है और शहरी उपभोक्ताओं में नगरपरिषद के तीन करोड़ रुपए से अधिक का जल शुल्क वर्तमान में बकाया चल रहा है। चालू वित्त वर्ष के अंत तक नगरपरिषद के जलदाय महकमे से जुड़े कार्मिक वसूली करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं लेकिन अभी तक तीन करोड़ के करीब का भुगतान बाकी है। उधर, नगरपरिषद की तरफ से नई लाइनें बिछाने से लेकर पम्प मशीनरी खरीदने पर 10 से 12 करोड़ रुपए गत वर्षों में खर्च किए गए हैं। जिससे शहर की जलापूर्ति में खासा सुधार भी दर्ज किया गया है।
हजारों कनेक्शन, करोड़ों बकाया
जैसलमेर शहर में जलदाय महकमे के कुल 11 हजार 267 जल कनेक्शन हैं। इनमें घरेलू कनेक्शन 10 हजार 529ए व्यावसायिक 404 और औद्योगिक श्रेणी के 334 कनेक्शन हैं। पिछले वर्ष अप्रेल से इस साल फरवरी तक नगरपरिषद के जलदाय महकमे ने जल शुल्क के एक करोड़ 65 हजार 653 रुपए की वसूली की है। बकाया राशि की वसूली के लिए जल राजस्व की सूचियां बनाकर विभाग के कार्मिक डोर टू डोर सम्पर्क कर रहे हैं। लम्बे अर्से से जल शुल्क अदा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को नोटिस भी दिए जा रहे हैं। हालांकि विभाग जल संबंध विच्छेद करने जैसी कार्रवाई नहीं कर पाया है। इसका एक कारण यह भी है कि पेयजल को सबसे बुनियादी जरूरत माना जाता है और कार्मिकों की कमी के चलते विभाग उपभोक्ताओं को प्रत्येक दो माह में बिल भी जारी नहीं कर पाता। जानकारी के अनुसार नए वित्त वर्ष में अप्रेल माह से ही डिस्कॉम की भांति जलदाय महकमे द्वारा ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था करने जा रहा है। इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है। जिस उपभोक्ता के नाम का जल कनेक्शन हैए उसके मोबाइल पर बिल जारी कर दिया जाएगा और वह एक एप के माध्यम से उसका भुगतान कर सकेगा। गौरतलब है कि शहर में घरों में जलापूर्ति के बिल औसत के आधार पर जारी किए जाते हैं। अधिकांश जगहों पर जल मीटर नहीं लगे हैं और जहां लगे भी हैंए वहां से जलराशि खर्च का हिसाब लेने की कोई व्यवस्था नहीं है।
नहर मुख्य स्रोत
स्वर्णनगरी के नाम से मशहूर जैसलमेर में जलापूर्ति का मुख्य स्रोत इंदिरा गांधी नहर है। मोहनगढ़ स्थित बाड़मेर लिफ्ट परियोजना के हैडवक्र्स से शहर की मांग का अधिकांश पानी की आपूर्ति होती है। इससे पहले कई दशकों तक शहर में डाबला स्थित नलकूपों व देवा क्षेत्र में नहर से पीने का पानी आता था।
फैक्ट फाइल
-11267 कुल जल कनेक्शन
-3 करोड़ के करीब राशि बकाया
-14 मिलियन लीटर की रोजाना खपत
जमा करवाएं बकाया राशि
शहरी क्षेत्र के जल उपभोक्ताओं से अपील है कि वे बकाया शुल्क तत्परता से जमा करवाएं। नगरपरिषद की तरफ से जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
-हरिवल्लभ कल्ला, सभापति, नगरपरिषद जैसलमेर
Published on:
01 Apr 2021 09:17 am
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