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गुरु नानकदेव की जयंती पर सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने मत्था टेककर की अरदास, लंगर में उमड़ी भीड़

उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 1 Dec 2020, 9:42 AM IST

गुरु नानकदेव की जयंती पर सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने मत्था टेककर की अरदास, लंगर में उमड़ी भीड़

गुरु नानकदेव की जयंती पर सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने मत्था टेककर की अरदास, लंगर में उमड़ी भीड़

पोकरण. सिक्खों के प्रथम गुरु नानकदेव की 551वीं जयंती प्रकाश पर्व के रूप में स्थानीय गुरुद्वारा दमदमा साहेब में मनाया गया तथा सोमवार को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस मौके पर सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा में मत्था टेककर अरदास की। कस्बे के रेलवे स्टेशन के पास स्थित गुरुद्वारा दमदमा साहेब में सोमवार को भजन कीर्तन व धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। दिनभर श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा में मत्था टेका व गुरु ग्रंथ साहेब की पूजा की। सोमवार को अलसुबह से ही गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं का तांता लगने लगा। सैंकड़ों लोगों ने विशाल स्तम्भ व ध्वज के दर्शन किए तथा गुरुद्वारे में मत्था टेककर भाईचारे, अमन, चैन व खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
गुरु के बताए मार्गों पर चलने का आह्वान
स्थानीय सेवादार निछतरसिंह ने बताया कि सुबह नौ बजे गुरुद्वारे में आयोजित कार्यक्रम में पंजाब से आए कथावाचकों की ओर से गुरुवाणी व सुखवाणी का पाठ किया गया तथा गुरुग्रंथ साहब को सिक्ख समाज का स्थायी रूप से गुरु बताते हुए उसी में गुरुनानक साहब के बताए मार्गों, आदर्शो व सिद्धांतों पर चलकर समाज को संगठित करने का आह्वान किया। इस मौके पर पंजाब से आए कविश्री जत्थे ने कविकीर्तन किया। उन्होंने गुरुनानकदेव के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए मार्गों पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने पोकरण स्थित गुरुद्वारा दमदमा साहब के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस गुरुद्वारे का महत्व इसलिए है कि यहां गुरुनानकदेव ने कुछ दिन रुककर विश्राम किया। उस दौरान उनकी भेंट लोकदेवता बाबा रामदेव से भी हुई तथा उन्होंने बाबा रामदेव को पीरो का पीर बताया। उन्होंने बताया कि जहां-जहां भी गुरुनानकदेव महाराज ने पड़ाव डाला, वहां-वहां बड़े गुरुद्वारों का निर्माण करवाया गया है। उन्होंने बताया कि इस धरती पर भी गुरुजी के पांव पड़े थे। इसीलिए इस स्थान का धार्मिक रूप से बहुत बड़ा महत्व है। इस मौके पर साधसंतों व सिक्ख समाज के अनुयायियों ने गुरु के बताए शबद कीर्तन का भी उच्चारण किया। जिसका सभी श्रद्धालुओं ने अनुसरण किया। कार्यक्रम में पंजाब, हरियाणा व राजस्थान सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से सैंकड़ों की संख्या में आए सिक्ख समाज के लोगों, सैन्य अधिकारियों, सैनिकों व कस्बे के गणमान्य नागरिकों ने गुरुनानक जयंती पर एक-दूसरे को अपनी शुभकामनाएं दी।
गुरु के लंगर में उमड़ा श्रद्धा का जन सैलाब
गुरु नानक जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रमों के अंतर्गत सोमवार को गुरुद्वारे में स्थित भोजनशाला में दोपहर बाद गुरु के लंगर का आयोजन किया गया। जिसमें यहां आए सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने कतारों में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को लंगर में मान मनुहार के साथ भोजन करवाया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में उपस्थित सेवादारों, कारसेवकों तथा सेना के जवानों ने यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा की। दोपहर को शुरू हुआ लंगर देर शाम तक चलता रहा।