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प्रदर्शनी से ली योजनाओं की जानकारी

प्रदर्शनी से ली योजनाओं की जानकारी
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 26 Apr 2022, 8:11 PM IST

प्रदर्शनी से ली योजनाओं की जानकारी

प्रदर्शनी से ली योजनाओं की जानकारी

पोकरण. आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत किसान भागीदारी प्राथमिकता हमारा अभियान के तहत कृषि विज्ञान केन्द्र में किसान मेले व कृषि प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के किसानों ने शिरकत की। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने वर्चुअल मोड में किसान भागीदारी प्राथमिकता हमारा अभियान का शुभारंभ किया, जिसका सीधा प्रसारण किया गया। इस मौके पर कृषक वैज्ञानिक संवाद के अंतर्गत भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति, मोटा अनाज, तिलहन एवं बायो फोर्टिफाइड फसलों पर चर्चा कर जानकारियां दी गई। तकनीकी सत्र के दौरान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ.बलबीरसिंह ने बताया कि सरकार भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति के तहत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती एक कृषि पद्धति है, जो खेती करने के लिए प्रकृति के नियमों का उपयोग करने की प्रथा को प्राथमिकता देती है, जिसमें रासायनिक और जैविक उर्वरकों का उपयोग शामिल नहीं है और केवल मिट्टी में पहले से मौजूद प्राकृतिक उर्वरकों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। केंद्र के सस्य वैज्ञानिक डॉ.केजी व्यास ने जैव संवद्र्धित किस्मों के पोषक गुणवत्ता पर चर्चा करते हुए बताया कि यह कुपोषण निवारण के लिए टिकाऊ उपाय है। उन्होंने जैव संवद्र्धित किस्मों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। पशुपालन वैज्ञानिक डॉ.रामनिवास ढाका ने प्राकृतिक कृषि में देसी गाय के गोबर और गोमूत्र से जीवामृत, घनजीवामृत तथा बीजामृत बनाकर उपयोग किए जाने की बात कही। प्राकृतिक विधि से खेती करने पर किसी भी अन्य खाद अथवा कीटनाशक की आवश्यकता नहीं होती है एवं खेत की मिट्टी में पोषक तत्वों की वृद्धि के साथ-साथ जैविक गतिविधियों का भी विस्तार होता है। जीरो बजट प्राकृतिक खेती जैविक खेती से ज्यादा सस्ती, सरल एवं ग्लोबल वार्मिंग का मुकाबला करने वाली मानी जा रही है। केंद्र के प्रसार विशेषज्ञ सुनील शर्मा ने किसानों को खेती के तरीकों में स्थानीय बीज नस्लों और सब्जियों, अनाज, फलियां के साथ ही अन्य फसलों की देशी किस्मों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी सत्यनारायण यादव, कृषि पर्यवेक्षक जितेन्द्र नागा आदि उपस्थित रहे। साथ ही यहां आए किसानों ने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।