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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कृषि संसाधन व नवाचार विषय पर दी जानकारी

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया प्रशिक्षण

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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कृषि संसाधन व नवाचार विषय पर दी जानकारी

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कृषि संसाधन व नवाचार विषय पर दी जानकारी

पोकरण. स्थानीय राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के सभागार में मंगलवार को कृषि विज्ञान केन्द्र की ओर से कुपोषण से निजात एवं संतुलित आहार के उद्देश्य की प्राप्ति के लिए पोषण संवेदनशील कृषि संसाधन ओर नवाचार विषय पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया। महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी ओमप्रकाश चौधरी ने संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में महिलाओं से सीधे संपर्क में आने वाली प्रथम संसाधन है। उन्होंने पोषण वाटिका की शुरुआत करते हुए महिलाओं के शारीरिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए भोजन में संतुलित आहार व पोषक तत्वों का समावेश आवश्यक होने की बात कही। केन्द्र के प्रभारी चंद्रप्रकाश मीणा ने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद पोषण संवेदनशील कृषि संसाधन और नवाचार पर कार्य कर रही है। प्रशिक्षण में कृषक महिलाओं, किसानों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को न्यूट्री गार्डन, न्यूट्री थाली व बायो फोर्टीफाइड फसल के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ.चारू शर्मा ने बताया कि आहार में फल व सब्जियोंं की मात्रा कुल खाद्य पदार्थों का 50 प्रतिशत तक होना चाहिए। उन्होंने एक व्यस्क व्यक्ति को प्रतिदिन 300 ग्राम हरी सब्जी लेने की बात कही। वैज्ञानिक डॉ.रामनिवास ढाका ने प्रतिभागियों को कुपोषण से निजात पाने और संतुलित आहार में दुग्ध एवं इनसे बनने वाले उत्पादों का न्यूट्री थाली में योगदान पर प्रकाश डाला। प्रसार वैज्ञानिक सुनील शर्मा ने सूखे कचरे को खाद में परिवर्तन करने और पोषण वाटिका में उपयोग की जानकारी दी। महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला पर्यवेक्षक स्नेहलता शर्मा ने बताया कि घर के आसपास की जमीन के अलावा गमलों, लकड़ी व प्लास्टिक के डिब्बों, बेकार टीन, मकान की छतों पर सब्जियों के उत्पादन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि घर में ऐसे कई अनुपयोगी सामान का उपयोग कर छोटा गार्डन स्थापित किया जा सकता है तथा घर के लिए बिना किसी रसायनिक खाद से सब्जियां उत्पादित की जा सकती है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्वयं अपने घरों में ऐसा प्रयोग करने तथा अपने-अपने क्षेत्र में अन्य महिलाओं को इसके लिए प्रोत्साहित कर न्यूट्री गार्डन की स्थापना व न्यूट्री थाली के उपयोग करने के आह्वान किया। पिरामल फाउंडेशन के अशोक पालीवाल सूक्ष्म पोषक तत्वों की जानकारी दी।