
जैसलमेर जिले की परिवहन व्यवस्था में लंबे समय से महसूस की जा रही कमी को अब नई दिशा मिली है। जैसलमेर आगार को पांच नई बसें मिलने के साथ ही यात्रा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पहली खेप में शामिल ये बसें एक अप्रेल यानी बुधवार से दो मौजूदा और तीन नए मार्गों पर संचालन शुरू करेंगी। उम्मीद जताई जा रही है कि ऐसे में शहर, कस्बों और सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत हो सकेगा। जानकारों के अनुसार इन बसों की खास बात केवल इनकी संख्या नहीं, बल्कि इनका आधुनिक स्वरूप और यात्रियों के प्रति संवेदनशील सुविधाएं हैं। नवीनतम बीएस छह मानक के अनुरूप तैयार ये बसें कम प्रदूषण के साथ बेहतर संचालन का संतुलन बनाती हैं। यात्रा के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बसों में जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं।
-प्राथमिक उपचार पेटी हर बस में उपलब्ध
-आग बुझाने की विशेष व्यवस्था
-आपातकालीन द्वार और छत पर निकास खिडक़ी
-हर सीट के साथ आपात संकेत बटन
-प्रत्येक सीट पर मोबाइल चार्जिंग सुविधा
-आपात संकेत बटन दबाने पर सूचना सीधे पुलिस नियंत्रण कक्ष और रोडवेज नियंत्रण कक्ष तक
नई बसों के साथ जिन तीन मार्गों पर संचालन शुरू किया जा रहा है, वे लंबे समय से मांग में थे। इन मार्गों के शुरू होने से दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों को सीधी बस सेवा मिलेगी। इससे न केवल आमजन को राहत मिलेगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों और सामाजिक जुड़ाव को भी नई गति मिलेगी। जैसलमेर आगार से वर्तमान में करीब 30 बस सेवाएं संचालित हो रही हैं। नई बसों के जुडऩे से इस नेटवर्क का विस्तार हुआ है और यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे। विशेष रूप से छोटे कस्बों और गांवों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां नियमित परिवहन अब तक चुनौती बना हुआ था। नई बस सेवाओं की शुरुआत को लेकर जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों में उत्साह देखने को मिल रहा है। एक अप्रेल को विभिन्न मार्गों पर बसों के संचालन के दौरान स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम, जैसलमेर आगार के मुख्य प्रबंधक दीपक कुमार का कहना है कि जैसलमेर में शुरू हुई यह नई पहल बसों के विस्तार के साथ-साथ बदलती जरूरतों के अनुरूप विकसित होती परिवहन व्यवस्था भी है। आने वाले समय में यदि इसी तरह मांग आधारित मार्गों का विस्तार किया जाएगा, जिससे उक्त नेटवर्क जिले के समग्र विकास को नई दिशा दे सकेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से आर्थिक गतिविधियां तेज होगी, वहीं शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। दूरस्थ क्षेत्रों का मुख्यधारा से जुड़ाव मजबूत होगा।
Updated on:
31 Mar 2026 09:15 pm
Published on:
31 Mar 2026 09:15 pm
