7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

जैसाण फॉग मोड में, कोहरे ने थामी जन जीवन की रफ्तार,  हेडलाइट्स के सहारे चली ड्राइविंग

मरुस्थलीय जिले जैसलमेर में सर्दी के साथ कोहरे ने जोर पकड़ लिया है। मंगलवार सुबह जैसाण फॉग मोड में नजर आया, जहां घना कोहरा जन-जीवन की रफ्तार पर भारी पड़ा।

2 min read
Google source verification

मरुस्थलीय जिले जैसलमेर में सर्दी के साथ कोहरे ने जोर पकड़ लिया है। मंगलवार सुबह जैसाण फॉग मोड में नजर आया, जहां घना कोहरा जन-जीवन की रफ्तार पर भारी पड़ा। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक दृश्यता बेहद कम रही, जिससे आमजन को दिनचर्या में कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह के समय सड़कों पर वाहनों की कतारें तो दिखीं, लेकिन गति थमी हुई नजर आई। कोहरे के कारण विजिबिलिटी कई इलाकों में बेहद कम दर्ज की गई। हालात ऐसे रहे कि वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट्स जलाकर चलना पड़ा।

राष्ट्रीय राजमार्गों, संपर्क सड़कों और शहर की प्रमुख गलियों में वाहन रेंगते नजर आए। दुपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों ने अतिरिक्त सतर्कता बरती, जबकि कई स्थानों पर लोग रास्ता साफ होने का इंतजार करते दिखे। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और व्यापारियों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कोहरे की वजह से बाजार तय समय पर नहीं खुल सके। सामान्य दिनों की तुलना में बाजार खुलने में एक से दो घंटे तक की देरी दर्ज की गई। दुकानदारों का कहना रहा कि ग्राहक भी देर से पहुंचे, जिससे सुबह का कारोबार प्रभावित हुआ। परिवहन व्यवस्था पर भी कोहरे का सीधा असर पड़ा। बसें और निजी वाहन निर्धारित समय से देरी से गंतव्य तक पहुंचे। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लगने से परेशानी हुई।

कुछ स्थानों पर चालक साइड में वाहन रोककर कोहरा छंटने का इंतजार करते नजर आए। यातायात पुलिस ने भी सतर्कता बरतने की अपील की और धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी। दिन चढ़ने के साथ कोहरे में कुछ कमी जरूर आई, लेकिन ठंड का असर बना रहा। शीतल हवाओं और नमी के कारण तापमान में गिरावट महसूस की गई। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 21.5 और न्यूनतम 8.4 डिग्री सै. रिकॉर्ड किया गया। लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए और अलाव का सहारा लेते दिखे। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सतर्कता बरतते हुए घरों में ही रहने की सलाह दी गई। शाम ढलते ही ठंड और बढ़ गई। रात होते-होते बाजारों में सन्नाटा पसर गया। आम दिनों में जहां देर रात तक रौनक रहती है, वहां जल्दी ही दुकानें बंद होने लगीं। कोहरे और ठंड के कारण लोगों ने अनावश्यक बाहर निकलने से परहेज किया। सड़कें खाली नजर आईं और आवाजाही सीमित हो गई।