
जैसलमेर में भ्रमण करते सैलानी। (फोटो- पत्रिका)
ग्रीष्मकाल में गर्मी के थपेड़ों और 48 डिग्री तक पहुंचते तापमान को लेकर जो इलाका उपेक्षित रहा, वही जैसलमेर अब समर वैकेशन टूरिज्म के जरिए साल भर पर्यटन सीजन वाला जिला बन सकता है। सर्दियों में जैसलमेर 1500 करोड़ तक का पर्यटन कारोबार कर रहा है तो गर्मियों में इसे 300 करोड़ और बढ़ाया जा सकता है। बशर्ते पर्यटन नीति में गर्मी के सीजन को लेकर भी सोच विकसित की जाए। गर्मियों में यहां के धोरों में 48 से 50 डिग्री तापमान पर्यटकों के लिए एडवेंचर ट्यूरिज्म का अनूठा अनुभव बन सकता है। बजट और लग्जरी होटलों में 40 से 60 फीसदी छूट, भीड़-भाड़ से राहत और लू से बचाव के उपायों के साथ यदि प्रचार-प्रसार किया जाए, तो जैसलमेर समर टूरिज्म का नया केंद्र बन सकता है।
पर्यटक सर्दियों में बर्फ का आनंद लेने हिमालय की ओर रुख करते हैं, लेकिन गर्मी के अहसास के लिए वे रेगिस्तान की ओर क्यों नहीं आते? पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इस सोच को बदलने की जरूरत है। जैसलमेर के सम क्षेत्र के रिसॉट्र्स ने तो इसके लिए तैयारियां भी कर रखी हैं।
जैसलमेर में अभी सर्दियों के बाद फ्लाइट सेवाएं बंद कर दी जाती हैं, क्योंकि पर्यटन गिर जाता है। लेकिन यदि गर्मी में भी डिस्काउंट ऑफर और सीमित समय के ट्यूर पैकेज दिए जाएं, तो पर्यटक आ सकते हैं। च्वीकेंड टूरिज्म ज् की ही तरह च्समर वैकेशन टूरिज्मज् को प्रोत्साहन देकर यह सपना साकार किया जा सकता है।
-1300 करोड़ रु. सालाना टर्नओवर सर्दियों के पर्यटन से
पर्यटक
3 गुना देशी पर्यटक अधिक आ रहे विदेशी पर्यटकों से
-300 करोड़ रु. का व्यवसाय सम क्षेत्र में
— कैलाश व्यास, अध्यक्ष, सम कैंप्स एंड रिसोट्र्स वेलफेयर सोसायटी, जैसलमेर
Published on:
07 Jun 2025 11:48 pm
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