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ग्रेजुएशन के साथ-साथ सरकारी नौकरी की तैयारी में जुटे जैसलमेर के युवा

सरहदी जिले जैसलमेर में युवाओं की सोच तेजी से बदल रही है। अब विद्यार्थी ग्रेजुएशन के साथ ही सरकारी नौकरी की तैयारी को प्राथमिकता दे रहे हैं।

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सरहदी जिले जैसलमेर में युवाओं की सोच तेजी से बदल रही है। अब विद्यार्थी ग्रेजुएशन के साथ ही सरकारी नौकरी की तैयारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। 12वीं के बाद कॉलेज में प्रवेश लेते ही प्रतियोगी परीक्षाओं का लक्ष्य तय कर लिया जाता है और उसी के अनुसार अध्ययन शुरू हो जाता है। कॉलेज में पढ़ रहे छात्र अब केवल डिग्री तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पुलिस और राज्य स्तरीय भर्तियों की तैयारी भी साथ-साथ कर रहे हैं। इससे पढ़ाई का दृष्टिकोण अधिक लक्ष्य केंद्रित और व्यावहारिक बन गया है। जैसलमेर या फिर अन्य जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों में नियमित कक्षाएं, विषयवार मार्गदर्शन और मॉक टेस्ट की व्यवस्था ने तैयारी को मजबूत किया है। वहीं, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बराबरी का अवसर दिया है। मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से अब गांवों के छात्र भी गुणवत्ता युक्त अध्ययन सामग्री तक पहुंच बना रहे हैं।

फैक्ट फाइल

- हर वर्ष 2000 युवा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कर रहे आवेदन

- प्रमुख परीक्षाएं: एसएससी, रेलवे, बैंकिंग, पुलिस, प्रशासनिक सेवा, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड

- ऑनलाइन अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ी

- 12वीं के बाद तैयारी शुरू करने का बढ़ रहा प्रचलन

ग्रेजुएशन के साथ तैयारी करने से समय की बचत

ग्रेजुएशन के साथ तैयारी करने से समय की बचत होती है और प्रतियोगिता में बढ़त मिलती है। छात्रा पूजा सोनी बताती हैं कि ऑनलाइन क्लास से घर बैठे बेहतर मार्गदर्शन मिल रहा है, जिससे पढ़ाई आसान हुई है।

-रवि भाटी, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र

सरकारी नौकरी से मिलती है स्थिरता

सरकारी नौकरी से स्थिरता मिलती है, इसलिए बच्चों को शुरू से ही इस दिशा में प्रेरित किया जा रहा है। समय रहते तैयारी शुरू करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

-महेशदान चारण, अभिभावक

एक्सपर्ट व्यू: पहले लक्ष्य निर्धारित करें, फिर उसी दिशा में बढ़े आगे

मोटिवेटर व करियर काउंसलर आलोक थानवी का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए प्रारंभिक स्तर से तैयारी करना आवश्यक हो गया है। नियमित टेस्ट और समय प्रबंधन सफलता की कुंजी हैं। विद्यार्थियों को एक लक्ष्य तय कर उसी दिशा में निरंतर मेहनत करनी चाहिए।

जैसलमेर में युवाओं के बीच सरकारी नौकरी को लेकर बढ़ती जागरूकता और तैयारी का यह नया ट्रेंड भविष्य में सकारात्मक परिणाम देने की दिशा में संकेत दे रहा है।

-लक्ष्य आधारित अध्ययन का बढ़ता चलन

-कोचिंग और ऑनलाइन माध्यमों का प्रभाव

-ग्रामीण युवाओं की सक्रिय भागीदारी

-प्रतिस्पर्धा के कारण तैयारी का स्तर हुआ अधिक गंभीर