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जवाहिर राजपूत छात्रावास का वार्षिकोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया,मुख्य अतिथि ने कही यह बात

‘मनुष्य के चरित्र का निर्माण करती है शिक्षा’

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जवाहिर राजपूत छात्रावास का वार्षिकोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया,मुख्य अतिथि ने कही यह बात

जैसलमेर. स्थानीय राजपूत सेवा समिति की ओर से जवाहिर राजपूत छात्रावास में वर्ष 2019 का वार्षिकोत्सव रविवार को छात्रावास प्रांगण में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। अध्यक्षता करते हुए पूर्व राजघराने के चैतन्यराजसिंह ने कहा कि राजपूत छात्रावास में पढ़ रहे छात्र संस्कार वान है। यहां पढऩे वाले छात्रों ने सरकारी नौकरी भी प्राप्त कर छात्रावास व समाज का नाम रोशन किया। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक डॉ. जितेन्द्रसिंह ने कहा कि शिक्षा मनुष्य के चरित्र निर्माण का काम करती है। उन्होंने छात्रों को कठिन परिश्रम व लक्ष्य निर्धारण कर आगे बढऩे की प्रेरणा दी। कार्यक्रम को पूर्व विधायक छोटूसिंह भाटी, डीवाईएसपी सवाईसिंह पिथला, प्रधानाचार्य घनश्याम गोस्वामी व योगेन्द्रसिंह सिहडार ने भी संबोधित किया। राजपूत सेवा समिति के कोषाध्यक्ष महिपालसिंह डांगरी ने स्वागत उद्बोधन किया। राजपूत सेवा समिति की ओर से स्वागत अभिनन्दन किया। राजपूत सेवा समिति के सचिव सवाईसिंह देवडा ने कहा कि समाज सेवा करने वाले को प्रशंसा, सम्मान व यश की अभिलाषा त्याग देनी चाहिए। संचालन गोपालसिंह लौद्रवा व महिपालसिंह ने किया। कार्यक्रम का आगाज पूर्व महारावल जवाहरसिंह व गिरधरसिंह के चित्र के सम्मुख माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर किया। छात्रावास व्यवस्थापक विशनसिंह लौद्रवा ने वर्ष भर छात्रावास की गतिविधियों क विवरण प्रस्तुत किया। छात्र पूर्णसिंह व समुन्द्रसिंह ने सहगीत भय मुझको नहीं है, अवसान का.. गीत पेश किया। छात्रों ने देश भक्ति गीत एवं देश भक्ति से ओत प्रोत नाटकों का मंचन किया गया। इस दौरान भामाशाहों को भी सम्मानित किया गया। सेवा निवृत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सवाईसिंह पिथला ने प्रतिवर्ष एक लाख रुपए, स्वरूपसिंह कुण्डा, जितेन्द्रसिंह पूनमनगर,राजपूत पुलिस स्टाफ ने छात्रावास परिसर में एक-एक कमरा बनाने की घोषणा की।
यह थे उपस्थित
इस अवसर पर राजपूत सेवा समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष दुष्यंतसिंह, जाम खेमेन्द्रसिंह, दिलीपसिंह राजावत, गुलाबसिंह पिथला, प्रेमसिंह, परिहार, अनोपसिंह पिथला, नरेन्द्रसिंह बैरसियाला पदमसिंह,भगवानसिंह पूनमनगर,पूनमसिंह ओला, झबरसिंह चौहान, हाथीसिंह मूलाना, सूरजपालसिंह, सुजानसिंह हड्डा सहित कई लोग मौजूद थे।