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मरुस्थलीय जैसलमेर के भूमिहीन आवेदक दो दशकों से न्याय की प्रतीक्षा में : भाटी

बीकानेर में उपनिवेशन विभाग की बैठक में जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी ने जिले की लंबे समय से लंबित समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाया।

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बीकानेर में उपनिवेशन विभाग की बैठक में जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी ने जिले की लंबे समय से लंबित समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि मरुस्थलीय जैसलमेर के भूमिहीन आवेदक दो दशकों से न्याय की प्रतीक्षा में हैं। विभाग को अब और देरी किए बिना ठोस एवं निर्णायक कदम उठाने होंगे। भाटी ने बैठक में प्रमुख रूप से छह मुद्दे उठाए। पहला मुद्दा मोहनगढ़-1, मोहनगढ़-2, नाचना-1 और नाचना-2 तहसीलों में फर्जी डिक्रीयों के आधार पर हुए नामान्तरण का रहा। उन्होंने कहा कि भूमाफियाओं ने विभागीय मिलीभगत से हजारों बीघा भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है। जांच में तथ्य सामने आने के बावजूद स्थगन आदेशों के चलते कार्रवाई नहीं हो पा रही। भाटी ने मांग की कि विभाग और सरकारी अधिवक्ता मिलकर प्रभावी पैरवी करें, स्थगन निरस्त कर भूमि को तत्काल सरकारी कब्जे में लिया जाए।

दूसरा मुद्दा रामगढ़ नंबर 2 के ग्राम नेतसी और रामगढ़ से जुड़ा रहा। वर्ष 2004 में दिए गए 736 आवेदन पत्र विभागीय त्रुटियों के कारण खारिज कर दिए गए थे। भाटी ने स्पष्ट किया कि गलती आवेदकों की नहीं, विभाग की थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन आवेदनों को प्राथमिकता में शामिल नहीं किया गया तो यह गरीबों का हक़ मारने जैसा होगा।

तीसरे मुद्दे में उन्होंने पूरे जिले के 2004 के आवेदनों पर धीमी कार्यवाही पर सवाल उठाया। अब तक मात्र 5-7 प्रतिशत आवंटन ही हो सका है। उन्होंने कहा कि समयबद्ध कार्यवाही से हजारों परिवारों को राहत मिल सकती है। चौथा मुद्दा मुहरबंद नीलामी भूमि का रहा। उन्होंने कहा कि गजट प्रकाशन लंबित रहने से भूमिहीन वंचित हैं और सरकार को अरबों का नुकसान हो रहा है। पांचवां मुद्दा चक आबादियों में आवासीय पट्टों का रहा। उन्होंने कहा कि सैकड़ों चक आबादियों में हजारों लोग दशकों से रह रहे हैं, फिर भी उन्हें पट्टे नहीं मिले। छठा मुद्दा शाहगढ़ रेंज की अवशेष भूमि से जुड़ा रहा। भाटी ने कहा कि इस भूमि का अंकन कर आवंटन शुरू किया जाए और नई खालों का निर्माण सुनिश्चित हो। बैठक के अंत में विधायक ने दो टूक कहा कि विभागीय लापरवाही और सरकारी उदासीनता से जैसलमेर के हजारों परिवार वर्षों से भटक रहे हैं। अब समय आ गया है कि उपनिवेशन विभाग ठोस निर्णय लेकर भूमिहीनों को उनका अधिकार दिलाए।