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जैसलमेर. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से गत 5 जुलाई को लिपिक ग्रेड द्वितीय भर्ती परीक्षा के दौरान जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र में एक महिला अभ्यर्थी को नकल करवाने के लिए प्रश्रपत्र बाहर भेजे जाने के मामले में पुलिस की ओर से गिरफ्तार की गई अभ्यर्थी मनु कंवर को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया। वहीं इस मामले में गिरफ्तार किए गए रिलीवर पदमसिंह की पुलिस रिमांड जारी है। पुलिस उससे इस मामले से जुड़े तथ्यों के बारे में पूछताछ कर रही है। जानकारी के अनुसार उसे आगामी 13 जुलाई को न्यायालय में पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र से प्रश्रपत्र बाहर जाने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी की तरफ से पदमसिंह व मनु कंवर के अलावा प्रधानाचार्य उम्मेदसिंह, भीमसिंह और जालिम सिंह के खिलाफ भी नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। प्रथम दृष्टया जांच के बाद पुलिस ने दो जनों को अभी तक गिरफ्तार किया है। अभी तक इस मामले में शिक्षा विभाग की तरफ से किसी को निलम्बित किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।
इस मामले में औपचारिक रूप से जिला प्रशासन से लेकर पुलिस के किसी अधिकारी की तरफ से कोई बयान नहीं दिया जा रहा है। हालांकि जानकार मानते हैं कि, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की तरफ से इस मामले में जांच करवाया जाना इसकी गम्भीरता को बताता है। आम तौर पर संगीन से संगीन मामलों की जांच पुलिस के उपनिरीक्षक से निरीक्षक और उपअधीक्षक स्तर के अधिकारी को सौंपी जाती है। इस मामले की एफआइआर भी काफी विस्तृत रूप में दर्ज करवाई गई है। जानकारी के अनुसार कुल 8 पेज की एफआइआर में 6 पेज में कलक्टर की ओर से गठित जांच समिति की तरफ से की गई जांच में सामने आए तथ्यों को रखा गया है। इसमें केंद्र में परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों के बयानों को भी दर्ज किया गया है। जिन्होंने प्रश्रपत्र को बाहर ले जाने और वापस लाकर कथित तौर पर अभ्यर्थी को सवालों के जवाब बताने को लेकर आपत्ति जताई थी। वैसे इस वाकये के सीसीटीवी फुटेज जांच समिति के पास है।
एलडीसी परीक्षा में गड़बड़ी का यह मामला प्रदेश स्तर पर खासा तूल पकड़ चुका है। विपक्षी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर क्षेत्रीय सांसद से लेकर तमाम नेता और जैसलमेर जिला कांग्रेस हमलावर रुख दर्शा चुके हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर राजस्थान भर के सक्रिय एक्टिविस्ट इस मामले पर अपना पक्ष रख चुके हैं। दूसरी ओर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने एक दिन पहले ट्वीट कर कहा था कि मामले की तुरंत जांच शुरू कर दी गई है।
Updated on:
10 Jul 2026 09:14 pm
Published on:
10 Jul 2026 09:13 pm
