10 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Jaisalmer: तारों पर झूल गया युवक, करंट बंद होने से बची जान

जैसलमेर. जैसलमेर में एक युवक हाइटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गया और उसे ऐसे हालात में जिसने भी देखा तो उनकी धडकऩें तेज हो गई। उनकी सूचना पर हाइटेंशन लाइन की विद्युत सप्लाई बंद करवाई गई। जिससे बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और करीब एक घंटे की समझाइश के बाद मजदूर को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। बताया जाता है कि वह शराब के नशे में था।
2 min read
Google source verification
light wire and labour

जैसलमेर. हाइटेंशन तारों के बीच झूलता युवक।

जैसलमेर. जैसलमेर में एक युवक हाइटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गया और उसे ऐसे हालात में जिसने भी देखा तो उनकी धडकऩें तेज हो गई। उनकी सूचना पर हाइटेंशन लाइन की विद्युत सप्लाई बंद करवाई गई। जिससे बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और करीब एक घंटे की समझाइश के बाद मजदूर को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। बताया जाता है कि वह शराब के नशे में था।

उसने टावर पर चढऩे के बाद हाइटेंशन लाइन के तारों को पकड़ लिया और उनके बीच झूलने लगा। कोतवाली थानाधिकारी सुरजाराम जाखड़ के अनुसार कमलेश पुत्र मनु वर्मन निवासी कुंडनपुर पटेल, दमोह (मध्यप्रदेश) नशे की हालत में हाइटेंशन टावर पर चढ़ गया था। कमलेश को टावर पर चढ़ता देख राहगीरों ने तुरंत विद्युत विभाग को सूचना दी। विभाग ने एहतियात के तौर पर संबंधित लाइन की बिजली सप्लाई बंद कर दी, जिससे करंट लगने का खतरा टल गया। घटना के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

यह विवाद आया सामने

जानकारी के अनुसार, कमलेश जैसलमेर में प्लास्टर का काम करता है। बताया जा रहा है कि उसका ठेकेदार के कार्मिक से विवाद चल रहा था और वह परेशान था। करीब एक घंटे तक चले घटनाक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उससे बातचीत कर सुरक्षित नीचे आने के लिए तैयार किया। काफी मान-मनुहार के बाद वह नीचे उतरने को तैयार हुआ। इसके बाद पुलिस ने उसे प्राथमिक उपचार के लिए भेजा और अग्रिम कार्रवाई की।

पांच दिनों से अंधेरे में पशु चिकित्सालय, मरीज और कर्मचारी परेशान

रामदेवरा. कस्बे के राजकीय पशु चिकित्सालय में पिछले पांच दिनों से विद्युत आपूर्ति ठप होने के कारण उपचार व्यवस्था प्रभावित हो रही है। भीषण गर्मी और उमस के बीच चिकित्सालय का स्टाफ बिना बिजली के कार्य करने को मजबूर है। उपचार के लिए पहुंचने वाले पशुपालकों और उनके परिजनों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। विद्युत आपूर्ति बाधित होने के बाद संबंधित विभाग को कई बार सूचना दी गई, लेकिन अब तक बिजली बहाल नहीं हो सकी है। बिजली नहीं होने से पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण बंद पड़े हैं।

इससे चिकित्सालय का वातावरण अत्यधिक गर्म और असहज बना हुआ है, जिसका असर कर्मचारियों के साथ उपचार के लिए आने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है। वरिष्ठ सहायक पृथ्वीराज सोलंकी ने बताया कि पिछले पांच दिनों से कर्मचारी भीषण गर्मी में कार्य कर रहे हैं। डिस्कॉम को कई बार सूचना देने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों ने राजकीय पशु चिकित्सालय जैसी महत्वपूर्ण सरकारी संस्था में लंबे समय तक बिजली बंद रहने को गंभीर लापरवाही बताते हुए शीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल प्रभावी कार्रवाई कर चिकित्सालय की विद्युत व्यवस्था सुचारु करने की अपील की है।