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नववर्ष से पहले शराब तस्करी का संकट मंडाराया, तस्करों के लिए नाचना-बज्जू मार्ग सेफ कॉरिडोर

नववर्ष से पहले सीमावर्ती जैसलमेर में अवैध शराब तस्करी का खतरा एक बार फिर मंडरा रहा है। नाचना से बीकानेर के बज्जू क्षेत्र तक फैला नहरी इलाका तस्करों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बनता जा रहा है।

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नववर्ष से पहले सीमावर्ती जैसलमेर में अवैध शराब तस्करी का खतरा एक बार फिर मंडरा रहा है। नाचना से बीकानेर के बज्जू क्षेत्र तक फैला नहरी इलाका तस्करों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बनता जा रहा है। बढ़ती मांग और सीमित पुलिस निगरानी ने तस्करों को खुला मैदान दे दिया है। पत्रिका पड़ताल में सामने आया है कि शराब की बड़ी खेप ट्रकों के जरिए भेजी जाती है और इन ट्रकों की निगरानी लग्जरी वाहनों से की जाती है। एसकोर्टिंग में लगे वाहन ट्रक से आगे-आगे चलकर रास्ते में पुलिस की मौजूदगी और नाकेबंदी की जानकारी तुरंत ट्रक चालकों तक पहुंचाते हैं। इससे तस्कर समय रहते रूट बदलने या रफ्तार नियंत्रित करने में सफल हो जाते हैं।

इंदिरा गांधी नहर आने के बाद सीमावर्ती इलाकों में आबादी, सडक़ और बिजली जैसी सुविधाएं बढ़ी हैं। इन सुविधाओं का लाभ जहां आमजन को मिला, वहीं चोरों और तस्करों के लिए भी आवाजाही आसान हो गई। हकीकत यह भी है कि बीकानेर के बज्जू थाना क्षेत्र से जैसलमेर के नाचना थाना क्षेत्र तक करीब 120 किलोमीटर लंबे हिस्से में न तो कोई पुलिस थाना है और न ही चौकी। नोख थाना अपने क्षेत्र के एक छोर पर जोधपुर जिले की सीमा के पास स्थित है, जबकि नाचना थाना मुख्य सडक़ से अंदर गांव में है। मुख्य सडक़ और संपर्क मार्गों पर पुलिस की नियमित व्यवस्था नहीं होने से तस्कर दोनों थानों को चकमा देकर निकल जाते हैं।

कई राज्यों को जोडऩे वाला रूट

जानकारों के अनुसार पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के सूरतगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से शराब की खेप इसी नहरी मार्ग से बाड़मेर होते हुए गुजरात तक पहुंचाई जाती है। ट्रकों और अन्य वाहनों के जरिए बड़े पैमाने पर तस्करी होती है। कभी-कभार रात्रि गश्त या नाकेबंदी में खेप पकड़ी जाती है, लेकिन अधिकतर मामलों में दूरी, संसाधनों की कमी और निगरानी अभाव का फायदा तस्करों को मिल जाता है।

निगरानी की कमजोर कड़ी

नाचना और नोख थाना क्षेत्रों में एक भी पुलिस चौकी नहीं है। दोनों थानों का क्षेत्रफल सौ किलोमीटर से अधिक में फैला है। मुख्य सडक़ मार्गों पर पुलिस की मौजूदगी नहीं होने से तस्कर वैकल्पिक रास्तों का उपयोग कर आसानी से निकल जाते हैं। यही स्थिति शराब तस्करी के साथ-साथ बिजली तार चोरी और अन्य अपराधों को भी बढ़ावा दे रही है।

24 घंटे रहेगी निगरानी

नव वर्ष पर अवैध तस्करी को रोकने के लिए नाचना से बज्जू के बीच भड़ला फांटा पर नाकाबंदी की जएगी। पुलिस के वाहनों की लगातार गश्त की जाएगी। अवैध शराब की तस्कारी के मंसूबों को कामयाब नहीं होने देंगे। इसके लिए हमने तैयारी कर ली है।

-गजेन्द्रसिंह चंपावत, पुलिस उप धीक्षक, नाचना (जैसलमेर)