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जैसलमेर जिले में 2 से 5 फरवरी तक मनेगा मरु महोत्सव

- सोनार दुर्ग की अखे प्रोल में पोस्टर का हुआ विमोचन- कई सेलिब्रिटी आयोजन के लिए बुलाए जाएंगे

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जैसलमेर जिले में 2 से 5 फरवरी तक मनेगा मरु महोत्सव

जैसलमेर जिले में 2 से 5 फरवरी तक मनेगा मरु महोत्सव

जैसलमेर. अन्तर्राष्ट्रीय मानचित्र पर ख्याति अर्जित कर चुके मरु महोत्सव-2023 का आयोजन जिले में आगामी 2 से 5 फरवरी तक किया जाएगा। 2 तारीख को पोकरण में गत वर्ष की भांति कार्यक्रम होंगे और उसके बाद तीन दिनी कार्यक्रम जैसलमेर व सम सेंड ड्यून्स में आयोजित किए जाएंगे। जिला कलक्टर टीना डाबी की पहल पर इस बार मरु महोत्सव के आयोजन की तैयारियां करीब डेढ़ माह पहले शुरू कर दी गई और इसके तहत गुरुवार को पर्यटकों के आकर्षण के केंद्र सोनार दुर्ग की अखे प्रोल में खुले मंच में महोत्सव से संबंधित पोस्टर का विमोचन अतिथियों ने किया। इससे महोत्सव में ज्यादा सैलानियों के आने की उम्मीद जताई गई। अखे प्रोल में जिला कलक्टर टीना डाबी, नगरपरिषद सभापति हरिवल्लभ कल्ला, पूर्व महारावल चैतन्यराज सिंह ने जिला प्रशासन तथा पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में तैयार तीन दिवसीय कार्यक्रमों के पोस्टर का विमोचन किया। इस मौके पर राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजना मेघवाल, पूर्व प्रधान अमरदीन फकीर, पूर्व सभापति अशोक तंवर, अतिरिक्त जिला कलक्टर गोपाल लाल स्वर्णकार, लोकपाल योगेश गज्जा, पर्यटन व्यवसायी मयंक भाटिया, जितेन्द्र सिंह राठौड़, कैलाश व्यास अन्य उपस्थित थे।
पर्यटकों का होगा मेला
कलक्टर डाबी ने कहा कि इस महोत्सव की थीम ऐतिहासिक-आधुनिक-काल्पनिक रखी गई है। यह मेला पर्यटकों का मेला होगा, उसी अनुरूप आयोजन की तैयारी की जाएगी। उन्होंने महोत्सव के कार्यक्रमों का अधिकाधिक प्रचार करने की अपील की। उन्होंने होटल एवं पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों से मेले में पूरा सहयोग देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने बताया कि यह मेला प्रशासनिक न होकर मरु प्रदेशवासियों एवं पर्यटकों का हो, उसी भावना से जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग अमलीजामा पहनाएगा।
सभापति कल्ला ने कहा कि पूर्व जानकारी से अधिक से अधिक पर्यटक मरु महोत्सव को देखने आएंगे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने आम जाजम पर मरु महोत्सव के आयोजन को लेकर जो शुरूआत की है, वह अवश्य ही सफल होगी। चैतन्यराज सिंह ने कहा कि मरुवासियों का यह बड़ा उत्सव है, हम सबको अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने यहां की लोक संस्कृतिए कला को अक्षुण्य बनाएं रखने पर भी जोर दिया। अंजना मेघवाल ने कहा कि पूर्व राजघराने ने जो त्रिकूट सोनार दुर्ग हमें विरासत में दिया है, उसके लिए हम सब भाग्यशाली हैं। अमरदीन फकीर ने कहा कि पोकरण में 2 फरवरी को मरु महोत्सव का आयोजन पूरी तैयारी के साथ करवाया जाएगा।
पैनल डिस्कशन का आयोजन
पोस्टर विमोचन के अवसर पर पैनल डिस्कशन का भी आयोजन हुआ। जिसमें पर्यटन विशेषज्ञ मयंक भाटिया ने कहा कि पर्यटकों की पहली पसन्द सोनार दुर्ग व सम के मखमली धोरे हैं। उन्होंने मखमली धोरों को संरक्षित करने की आवश्यकता जताई। पर्यटन विशेषज्ञ जितेन्द्र सिंह राठौड ने जैसलमेर का स्वर्णिम अतीत विषय पर व्याख्यान दिया व कहा कि मरू महोत्सव की शुरूआत वर्ष 1979 में हुई थी। सम कैम्प एंड वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष कैलाश व्यास ने एडवेन्चर ट्यूरिज्म को बढ़ावा देने पर बल दिया एवं कहा कि आज सम में कैमलए जीप सफारी के साथ ही हेलीकॉप्टर के माध्यम से जॉय राईडिंग की जो शुरूआत हुई है, वह पर्यटन क्षेत्र को और ऊंचाइयों तक ले जाएगा। बैंगलौर से आए जय ने एस्ट्रो ट्यूरिज्म पर अपनी बात कही। आई लव जैसलमेर की साहीन ने हमें पर्यटकों को राजस्थानी एवं जैसलमेरी फूड के माध्यम से आवभगत करने की जरूरत है। मुम्बई से आए मिस्टर पृथवेश गजेन्द्र सिंह सोढ़ा ने अपने विचार रखे।
उप निदेशक भानूप्रताप ने महोत्सव के विभिन्न आयामों के बारे में प्रकाश डाला। इस मौके पर उप सभापति खीमसिंह, पुलिस उप अधीक्षक प्रियंका कुमावत, आयुक्त नगर परिषद लजपाल सिंह सोढ़ा, लक्ष्मीनारायण खत्री, चन्द्रप्रकाश व्यास, विमल गोपा, घनश्याम गोस्वामी, राजस्व अधिकारी पवन कुमार के साथ ही पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग, नगरवासी व पर्यटक भी समारोह के साक्षी रहे। कार्यक्रम का संचालन पूर्व मरुश्री विजय बल्लाणी ने किया। लोक कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।