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पूर्व महारावल को अंतिम विदाई देने उमड़ा जन सैलाब

-मंदिर पैलेस से निकली वैकुंठीए बड़ाबाग में हुई अंत्येष्टि-बाजार रहे बंद, शोक में जैसाण
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 29 Dec 2020, 7:21 PM IST

पूर्व महारावल को अंतिम विदाई देने उमड़ा जन सैलाब

पूर्व महारावल को अंतिम विदाई देने उमड़ा जन सैलाब

जैसलमेर. जैसलमेर रियासत के पूर्व महारावल ब्रजराजसिंह को अंतिम विदाई देने मंगलवार को हजारों की तादाद में शहरी व ग्रामीण गांधी चौक से लेकर जवाहिर निवास तक उमड़ पड़े। मंदिर पैलेस से जैसे ही उनकी वैकुंठी निकाली गई, गमगीन माहौल में लोगों ने जब तक सूरज चांद रहेगा ब्रजराजसिंह का नाम रहेगा.. और ब्रजराजसिंह अमर रहे... के नारे लगाए। इस मौके पर महिलाओं तथा बच्चों की भारी मौजूदगी थी। सभी की आंखें नम थी तथा सभी के चेहरों पर पूर्व महारावल को असमय खो देने का दु:ख छाया हुआ था। इसके बाद रियासतकालीन श्मशान स्थल बड़ाबाग में बहते आंसुओं के बीच उनकी अंत्येष्टि की गई। पूर्व युवराज चैतन्यराजसिंह ने मुखाग्नि दी। उनके छोटे पुत्र जनमेजय राजसिंह सहित पूर्व राजघराने के सदस्यों के साथ शहर व गांवों के लोग बड़ी तादाद में इस मौके पर उपस्थित थे। पंडितों ने पूरे विधि विधान के साथ पूर्व महारावल का अंतिम संस्कार करवाया।
हर कदम गांधी चौक की ओर
मंगलवार सुबह से शहर में शोक की लहर छाई हुई थी। सोनार दुर्ग से लेकर गोपा चौक, सदर बाजार, कचहरी मार्ग, गांधी चौक से लेकर हनुमान चैराहा तथा आसपास के क्षेत्रों में बाजार पूरी तरह से बंद थे। सुबह 10 बजे के बाद से हर कदम गांधी चौक की तरफ उठा। जहां मंदिर पैलेस से पूर्व महारावल की पार्थिव देह को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाना निर्धारित था। इससे पहले सुबह करीब आठ बजे गुडग़ांव से ब्रजराजसिंह की पार्थिव देह मंदिर पैलेस पहुंची। मंदिर पैलेस के बाहर गांधी चौक से हनुमान चौराहा क्षेत्र में सड़कों के दोनों ओर तथा आसपास की इमारतों की छतों पर जन सैलाब भर गया। कई घंटों तक लोग टकटकी लगाए वैकुंठी की राह देखते रहे। दोपहर करीब एक बजे के बाद वैकुंठी निकलने पर उन्होंने पूर्व महारावल के अंतिम दर्शन किए। कई महिला-पुरुष यह दृश्य देखकर अपने आंसू नहीं रोक पाए। मंदिर पैलेस से अंतिम यात्रा जवाहिर निवास पहुंची और वहां से सभी जने वाहनों में सवार होकर पार्थिव देह के साथ बड़ाबाग पहुंचे।
खासो-आम ने दी श्रद्धांजलि
मंदिर पैलेस में वैकुंठी तैयार कर पूर्व महारावल की पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। जहां पूर्व महारावल के पुत्रों चैतन्यराजसिंह और जनमेजय राजसिंह के साथ पूर्व राजघराने के सदस्यों डॉ. जितेंद्रसिंह, दिलीपसिंह, विक्रमसिंह नाचना, शक्तिसिंह, दुष्यंतसिंह समेत सभी महिला-पुरुष सदस्यों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। जैसलमेर विधायक रूपाराम मेघवाल, जिला प्रमुख प्रतापसिंह सौलंकी, जिला कलक्टर आशीष मोदी, पुलिस अधीक्षक अजयसिंह, पूर्व विधायक सांगसिंह भाटी और छोटूसिंह भाटी, पूर्व प्रधान अमरदीन फकीर सहित प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर जिले के अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों के साथ बाहरी जिलों से आए गणमान्य लोग मौजूद थे।
नजर आई लोकप्रियता
पूर्व महारावल ब्रजराजसिंह की अंतिम यात्रा के अवसर पर आमजन में उनकी लोकप्रियता चरम पर दिखाई दी। सैकड़ों की तादाद में दुकानें, चाय-पान की थडिय़ां आदि व्यापारिक प्रतिष्ठान स्वत: स्फूर्त ढंग से बंद रहे। लगातार दूसरे दिन सोशल मीडिया पर उनसे संबंधित पोस्ट्स वायरल होती रही। हर कोई उन्हें याद करता नजर आया।