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मेडिकल दुकानें रही बंद, धरना देकर जताया विरोध

पोकरण कस्बे के मेडिकल दुकानदारों ने गुरुवार को दिन भर अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध जताया। इस दौरान राजकीय जिला चिकित्सालय के दो चिकित्सकों के विरुद्ध धरना देकर उन्हें हटाने व कार्रवाई करने की मांग की।

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पोकरण कस्बे के मेडिकल दुकानदारों ने गुरुवार को दिन भर अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध जताया। इस दौरान राजकीय जिला चिकित्सालय के दो चिकित्सकों के विरुद्ध धरना देकर उन्हें हटाने व कार्रवाई करने की मांग की। दोपहर बाद समझाइश कर धरना समाप्त करवाया गया। जिला केमिस्ट एसोएिशन के जिलाध्यक्ष सत्यनारायण गौतम, महासचिव मनोज भाटिया, पोकरण ब्लॉक के अध्यक्ष डूंगरदान रतनू के नेतृत्व में गुरुवार को सभी मेडिकल दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखी। साथ ही मेडिकल मार्केट से एक जुलूस निकाला, जो राजकीय अस्पताल, जोधपुर रोड, व्यास सर्किल होते हुए उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचा। यहां उन्होंने विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। उन्होंने गत 13 जनवरी को चिकित्सकों के विरुद्ध दिए गए ज्ञापन पर कोई कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उपखंड अधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना शुरू कर दिया। यहां दिन भर डॉ. राजेन्द्रसिंह भाटी, डॉ. जगदीश गहलोत, विनोद गहलोत, परबतसिंह राठौड़, अमित जोशी, प्रवीण राठी, भगवतीलाल कंदोई, विनोद राठी, अमीन, मुजीब, आरके मतूजा, सईद, अशोक छंगाणी सहित सभी मेडिकल दुकानदारों ने धरना देकर नारेबाजी की और विरोध जताया। मेडिकल दुकानें बंद रहने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

बैठक में रखी मांगें, की चर्चा

धरने के दौरान दोपहर बाद उपखंड अधिकारी प्रभजोतसिंह गिल की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.राजेन्द्र पालीवाल, तहसीलदार विश्वप्रकाश चारण, प्रमुख चिकित्साधिकारी डॉ.अनिल गुप्ता, डॉ.तुलछाराम, डॉ.परमेश्वर चौधरी, मेडिकल व्यवसायी सत्यनारायण गौतम, मनोज भाटिया, डूंगरदान चारण, डॉ.आरएस भाटी, दलपतसिंह पूनमनगर उपस्थित रहे। मेडिकल दुकानदारोंं ने बताया कि कुछ चिकित्सक अपने घर पर अस्पताल चलाते है और दवाइयां बेचने, ड्रिप व इंजेक्शन लगाने का कार्य भी करते है। अस्पताल में भी घर की पर्चियों से मरीजों की जांच करते है। साथ ही जांच व दवाइयों के लिए अपने दुकानदार तय किए है। उनके घरों के आगे कुछ लोग खड़े रहते ैहैं, जो मरीजों को परेशान करते है।

समझाइश के बाद धरना समाप्त

उपखंड अधिकारी गिल व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पालीवाल ने भरोसा दिलाया कि किसी भी चिकित्सक की ओर से अपने घर पर न तो दवाइयां बेची जाएगी, न ही घरों पर ड्रिप, इंजेक्शन आदि लगाए जाएंगे। ऐसा करने वाले चिकित्सक के विरुद्ध और उनके घरों के आगे निजी प्रयोगशालाओं व दुकानदारों के लपकों पर भी कार्रवाई की जाएगी। सीएमएचओ ने बताया कि समय-समय पर अस्पताल एवं निजी चिकित्सा कार्यों का निरीक्षण कर सरकारी नियमों के विरुद्ध कार्य करने पर कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल की चारदीवारी में अनावश्यक गेट बंद करने का भी भरोसा दिलाया। आश्वासन के बाद मेडिकल व्यापारियों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।