
कोरोना का दंश झेलने के बाद मुस्काया जैसाण
जैसलमेर. कोरोना के दंश झेल चुके जैसाण में होली पर्व को लेकर एक बार फिर जज्बा दिखा और सभी ने एकजुटता का परिचय देते हुए हर मुसीबत से जूझने का संकल्प भी दिखाया। रंगों का पर्व होली सरहदी जैसलमेर जिले में उत्साह व उल्लास के साथ मनाय गया। चारों ओर हवा में उड़ते रंग व गुलाल कारण सुनहरी नगरी भी रंग बिरंगी नजर आई। उत्साह के माहौल में हर जगह उल्लास के रंग बिखरे हुए नजर आए। लोगों ने पुराने गिले शिकवे और बैर भाव भुलाकर होली खेली और पर्व का लुत्फ उठाया। जैसलमेर, पोकरण, मोहनगढ़, रामगढ़, फतेहगढ़, फलसूंड, रामदेवरा, नोख सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी होली पर्व की धमचक में सभी सराबोर नजर आए। उधर, ऐतिहासिक सोनार किले में इस साल भी परंपरागत रूप से बादशाह-शहजादे का स्वांग रचा गया, वहीं चैनपुरा में झंडे-झंडी के रूप में स्वांग रचे गए। धुलंडी से एक दिन पूर्व शहरी व ग्रामीण क्षेत्रोंं में जगह-जगह परम्परागत रूप से होलिका दहन किया गया। बादशाही बरकरार, शहजादा सलामत के उद्घोष ने माहौल को गूंजा दिया। बादशाह व शहजादे की सवारी दुर्ग के विभिन्न मोहल्लों से होती हुई लक्ष्मीनाथ मंदिर पहुंची। दिन चढऩे के साथ ही होली का रंग भी जमता गया। पुलिस की ओर से शहर में माकूल गश्त के इंतजाम किए गए। कई युवा विविध रुप व स्वांग रचने के कारण लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहे। सड़कें, गलियां व चौराहे अबीर, रंग व गुलाल में नहाए दिखाई दिए।
Published on:
30 Mar 2021 10:36 pm
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