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जैसलमेर

म्हारो हेलो सुणो नी रामा पीर… सीवरेज री बड़ी पीर

जन-जन की आस्था के प्रतीक लोकदेवता बाबा रामदेव की समाधि के दर्शनों के लिए प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु आते है। अकेले भादवा मेले के दो माह की अवधि में 40 से 50 लाख श्रद्धालु यहां पहुंचते है, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण हर बार श्रद्धालुओं को कई परेशानियों से रु-ब-रु होना पड़ता है।

जैसलमेरJun 27, 2024 / 08:21 pm

Deepak Vyas

ramdevra
जन-जन की आस्था के प्रतीक लोकदेवता बाबा रामदेव की समाधि के दर्शनों के लिए प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु आते है। अकेले भादवा मेले के दो माह की अवधि में 40 से 50 लाख श्रद्धालु यहां पहुंचते है, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण हर बार श्रद्धालुओं को कई परेशानियों से रु-ब-रु होना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं से मुख्य रूप से सीवरेज की समस्या है। लंबे समय से रामदेवरा में सीवरेज की मांग की जा रही है, जो पूरी नहीं हो रही है। जिसके कारण कीचड़-गंदगी की समस्या से आमजन के साथ श्रद्धालुओं को भी जूझना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार रामदेवरा में लोकदेवता बाबा रामदेव की समाधि स्थित है। यहां प्रतिवर्ष 50 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचते है। भादवा माह के दौरान यहां मेला आयोजित होता है, जिसे राजस्थान के कुंभ के रूप में माना जाता है। देश के कोने-कोने से 30 से 40 लाख श्रद्धालु यहां आते है। इसके अलावा माघ माह के शुक्ल पक्ष, चैत्र व आसोज माह के नवरात्र के साथ वर्षपर्यंत श्रद्धालुओं की आवक होती रहती है।

एक हजार दुकानें, 500 होटलें व धर्मशालाएं

यूं तो रामदेवरा की आबादी 10 हजार है, लेकिन धार्मिक स्थल होने से लाखों श्रद्धालुओं की आवक होती है। ऐसे में गांव में एक हजार दुकानें है। जिनमें मणिहारी, खिलौने, तस्वीरे, फोटो स्टूडियो, खाने-पीने के ढाबे, रेस्टोरेंट आदि शामिल है। स्थानीय के साथ बाहरी लोग भी यहां रोजगार के चलते दुकानें लगाकर बैठे है। इसी प्रकार श्रद्धालुओं के लिए गांव में 500 से अधिक होटलें व धर्मशालाएं स्थित है। घरों, दुकानों, होटलों व धर्मशालाओं से प्रतिदिन निकलने वाले गंदे पानी की निकासी को लेकर सीवरेज की कोई व्यवस्था नहीं है।

नालों में बहता गंदा पानी, सडक़ों पर हो रहा जमा

गांव में गंदे पानी की निकासी के लिए बड़े नालों का निर्माण करवाया गया है। गली मोहल्लों, मुख्य बाजार में छोटी नालियों से गंदा पानी बड़े नालों से होते हुए गांव से बाहर जाता है। इन नालों की लंबे समय से मरम्मत नहीं हुई है। साथ ही समय पर सफाई नहीं होती है। जिसके कारण गंदा पानी ओवरफ्लो होकर बहने लगता है। कई बार तो गंदा पानी बीच सडक़ जमा हो जाता है। जिसके कारण आमजन के साथ श्रद्धालुओं को परेशानी से रु-ब-रु होना पड़ता है।

सीवरेज बिछे तो मिले राहत

केवल 10 हजार की आबादी का छोटा सा गांव और ग्राम पंचायत मुख्यालय भादवा मेलावधि (श्रावण व भादवा माह) के दौरान महानगर का रूप ले लेता है। गांव में एक हजार दुकानें स्थायी रूप से संचालित है। मेलावधि में बाहर से सैकड़ों लोग यहां रोजगार के लिए पहुंचते है। लाखों श्रद्धालुओं के साथ हजारों दुकानदारों व मजदूरों की आवक होती है। इस दौरान गंदे पानी की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में यहां सीवरेज की महत्ती आवश्यकता है। सीवरेज बिछे तो गंदे पानी की निकासी सुचारु हो सकेगी और आए दिन फैलने वाले कीचड़, गंदगी से राहत मिलेगी।

25 करोड़ की हो चुकी घोषणा, स्वीकृति का इंतजार

गत कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रामदेवरा ग्राम पंचायत को नगरपालिका बनाने के साथ ही 25 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज लगाने की भी घोषणा की थी। हालांकि नगरपालिका का मामला न्यायालय में है, लेकिन सिवरेज के 25 करोड़ की स्वीकृति अटकी हुई कागजों में दफन है। इस संबंध में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि व अधिकारी प्रयास करे तो सरकार की घोषणा के अनुरूप 25 करोड़ की लागत से सिवरेज का कार्य हो सकता है। जिससे कीचड़ व गंदगी से समस्या का समाधान होगा।

मेले में बढ़ जाती है परेशानी

भादवा मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवक होती है। साथ ही भादवा माह में बारिश का भी दौर चलता है। ऐसे में नाले-नालियों से गंदा पानी सडक़ों पर आ जाता है और कीचड़ फैलता है। जिससे स्थानीय लोगों के साथ ही श्रद्धालुओं, यहां मेला ड्यूटी में लगे सैकड़ों अधिकारियों, कर्मचारियों, पुलिस स्टाफ को परेशानी होती है।

फैक्ट फाइल:-

  • 50 लाख से अधिक प्रतिवर्ष आते है श्रद्धालु
  • 10 हजार है रामदेवरा की आबादी
  • 1000 से अधिक दुकानें है स्थित
  • 500 से अधिक होटलें व धर्मशालाएं है रामदेवरा में
  • 25 करोड़ रुपए से सिवरेज लगाने की हुई थी घोषणा

सीवरेज है बड़ी समस्या

रामदेवरा की सबसे बड़ी समस्या ही सिवरेज लाइन की है। सैकड़ों होटलों व धर्मशालाओं के साथ घरों, दुकानों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। जिससे आए दिन कीचड़ व गंदगी फैल रही है। सरकार ने गत वर्ष 25 करोड़ से सिवरेज लगाने की घोषणा की थी। जिसकी अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। सीवरेज लाइन लग जाए तो गंदगी व कीचड़ से समस्या से राहत मिल सकती है।
  • समंदरसिंह तंवर, सरपंच ग्राम पंचायत, रामदेवरा

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