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नाचना: बेमौसम की बारिश से खेतों में भीगी मेहनत, 3 लाख हेक्टेयर में बोई मोठ की फसल में संकट

नाचना क्षेत्र में बे-मौसम की बारिश से मोठ की फसल को नुकसान होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।

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नाचना क्षेत्र में बे-मौसम की बारिश से मोठ की फसल को नुकसान होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्र में तीन दिन पूर्व बेमौसम की बारिश हुई। जिससे करीब 3 लाख हेक्टेयर में बोई गई मोठ की फसल में नुकसान की आशंका है। कई खेतों में कटाई के बाद सूखने के लिए रखी गई फसल भी भीगने के कारण खराब हो गई है। जिससे किसानों को बड़े नुकसान की आशंका है। इस संबंध में किसानों की ओर से विशेष गिरदावरी व बीमा क्लेम दिलाने की मांग की जा रही है।

गुणवत्ता पर पड़ेगा असर

किसानों ने बताया कि बेमौसम की बारिश से किसानों के खेतों में काटकर फसल रखी गई थी, जो भीगने से खराब हो गई है। फसल भीगने से गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा और दाने काले पड़ जाएंगे और अंकुरित होकर खराब हो जाएंगे। फलियों के चटकने से भी फसलों को नुकसान होगा। जिससे उपज की बाजार कीमत में कमी हो जाएगी और किसानों को मोठ की फसल का कम दाम मिलेगा।

किसानों की बढ़ेगी मुश्किल

किसान बैंक व सहकारी समितियों से ऋण लेकर खेती करते है। फसल खराब होने से उन्हें ऋण चुकाने में भी मुश्किल होगी। खेती से होने वाली आय ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। ऐसे में बारिश से हुए नुकसान से ग्रामीण जीवन प्रभावित होगा।

विशेष गिरदावरी करवाने की मांग

क्षेत्र में तीन दिन पूर्व बारिश से खेतों में काटकर रखी गई मोठ की फसल खराब हो गई है। फसल भीगने से अब बाजार में कम दाम मिलेगा। सरकार व प्रशासन को विशेष गिरदावरी करवाकर बीमा क्लेम करने के लिए क्षेत्र के किसान मांग कर रहे है।

- छगनसिंह, पूर्व अध्यक्ष भाजपा नाचना मंडल, सांकडिय़ा