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जैसलमेर में नववर्ष से पहले बड़ी संख्या में पहुंच रहे देशी सैलानी

-भ्रमण पर आने वालों में विद्यार्थी शामिल

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जैसलमेर में नववर्ष से पहले बड़ी संख्या में पहुंच रहे देशी सैलानी

जैसलमेर में नववर्ष से पहले बड़ी संख्या में पहुंच रहे देशी सैलानी


जैसलमेर. स्वर्णनगरी के नाम से मशहूर जैसलमेर के तमाम दर्शनीय स्थल, बाजार और सम सेंड ड्यून्स इन दिनों सैलानियों से गुलजार हो गए हैं। नववर्ष से ठीक पहले क्रिसमस के मौके पर तीन दिन लम्बा वीकेंड आ जाने से हजारों की तादाद में देशी सैलानियों की आवक से जैसलमेर के पर्यटन को दिवाली के बाद एक बार फिर संजीवनी मिल गई है। शहर के दुर्ग, गड़ीसर और पटवा हवेलियों को देखने उमड़ रहे सैलानियों के चलते इन क्षेत्रों में पूर्व के वर्षों में नजर आने वाली रौनक का मंजर बन गया है। निजी वाहनों से पहुंच रहे सैलानियों के चलते पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने को जगह नहीं बची तो शहर के बाहरी क्षेत्र में कई बार यातायात जाम के हालात बन रहे हैं।
मिला रोजगार, खिला सौन्दर्य
कोरोना की वजह से इस साल पर्यटकों की कम आवक तथा विदेशियों के बिलकुल नहीं आने से मुरझाए चेहरे इन दिनों देशी सैलानियों की बम्पर आवक से खिल उठे हैं। होटलों और रेस्तरांओं में हाउसफुल के हालात भी बन रहे हैं। सम सेंड ड्यून्स पर स्थापित रिसोट्र्स में शाम के समय रौनक देखते ही बनती है। रेतीले धोरों में कैमल सफारी करने का आकर्षण आज भी कायम है। सैलानी विशेषकर युवा तथा बच्चे मखमली रेत में खेलने-कूदने का लुत्फ भी खूब उठा रहे हैं। रेत के समंदर में डूबते सूरज को कैमरे में कैद करते हुए वे आनंद ध्वनियां निकाल कर पूरे माहौल को खुशनुमा बना रहे हैं। होटेलियर्स, गाइड्स, ट्रेवल एजेंट्स, रिसोट्र्स संचालकों से लेकर वाहन चालकों, हैंडीक्राफ्ट शोरूम आदि के मालिकों व कामगारों को देश के विभिन्न राज्यों से आए सैलानियों ने रोजगार मुहैया करवा दिया है। पर्यटन स्थल भी सैलानियों की भीड़ के चलते वीरानगी के आलम से उबर चुके हैं।
इतिहास की ले रहे जानकारी
सैलानियों में विभिन्न स्कूलों व कॉलेजों के विद्यार्थी भी अच्छी तादाद में स्वर्णनगरी आए हुए हंै। वे गाइडों तथा सूचना पट्टों के साथ जैसलमेर पर केंद्रित पुस्तकों का अध्ययन कर यहां के इतिहास की जानकारी भी ले रहे हैं।

सुखद आवक
इस साल कोरोना ने पर्यटन क्षेत्र को बेतहाशा क्षति पहुंचाई है। ऐसे में जाते हुए साल के आखिर में देशी सैलानियों के अच्छी संख्या में आवक जैसलमेर पर्यटस से प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से जुड़े हजारों परिवारों के लिए सुखद एहसास है।
- मेघराज परिहार, होटल व्यवसायी