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कोरोना गाइडलाइन की पालना को लेकर सख्ती दिखाने की जरूरत

-कामकाजी महिलाओं का पुलिस के साथ वर्चुअल संवाद

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कोरोना गाइडलाइन की पालना को लेकर सख्ती दिखाने की जरूरत

कोरोना गाइडलाइन की पालना को लेकर सख्ती दिखाने की जरूरत

मोहनगढ़. राजस्थान पत्रिका की ओर से बुधवार को आयोजित वर्चुअल संवाद में कामकाजी महिलाओं ने समस्याओं व समाधान को लेकर बेबाकी से अपनी बात कही। महिलाओं ने कोरोना में काल में बाजार में भीड़-भाड़ कम करने, दुकानदारों को कोरोना गाइडलाइन की पालना करवाने, अस्तपाल में मरीजों की भीड़ को देखते हुए पुलिस की गश्त लगाने, ग्रामीणों को प्लाज्मा दान करने के लिए प्रेरित करने, कोरोना संक्रमितों को क्वारंटीन कराने सहित अन्य सुझाव दिए। थानाधिकारी अरूण कुमार ने इन सभी सुझावों को अमल में लाने का बात कही।
प्रधान पंचायत समिति मोहनगढ कृष्णा चौधरी के अनुसार कोरोना महामारी में पुलिस अपना सराहनीय कार्य रही है। कोरोना महामारी से बचने के लिए पुलिस को सख्ती दिखानी चाहिए। कोरोना के संक्रमितों को घरों में ही रहने के लिए पाबंद करने, बाजार में भीड़ में भीड़ नहीं होने देने, नहरी क्षेत्र में बाहरी जिलों से आए अपराधिक तत्वों के खिलाफ अभियान चलाने, बाजार में काला बाजारी रोकने, मण्डी तक फसल बेचने जाने के लिए किसानों के लिए उचित व्यवस्था करने पर विषेष ध्यान देने की जरूरत है।
अध्यापिका रीना शर्मा का कहना था कि पुलिस एक तरह से कोरोना वारियर्स के रूप में सेवाएं दे रही है। पुलिस को कोरोना पॉजिटिव ने नेगेटिव होने वाले ग्रामीणों को प्लाज्मा दान करने के लिए के लिए प्रेरित करना चाहिए, ताकि किसी की जान बचाई जा सके। इस कार्य में पुलिस के साथ साथ ग्रामीण भी सहयोग करे। महिलाएं भी आगे आए।
अध्यापिका अंजना लोहिया के अनुसार इन दिनों कस्बे में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। जिसकी जानकारी आम नागरिक को नहीं हो पा रही है। कोरोना पॉजिटिव घर में रहने की बजाय इधर उधर घूमते नजर आ रहे है। पुलिस को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि जिस स्थान पर कोरोना पॉजिटिव आया है वहां के निवासियों को कोरोना पॉजिटिव की नाम सहित जानकारी मिल सके।
महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता कमलफूल चौधरी का कहना है कि अस्पताल में इन दिनों काफी भीड़ देखने को मिल रही है। कोरोना महामारी के चलते मरीजों द्वारा गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है। समय-समय पर पुलिस की गष्त अस्पताल परिसर में होती रहे तो काफी सुधार हो सकता है। पुलिस के साथ चिकित्सालय स्टाफ द्वारा भी सहयोग किया जाएगा।
आंनवाड़ी कार्यकर्ता कविता चौहान ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते राज्य सरकार द्वारा जन अनुशासन पखवाड़ा लागू किया गया है। उसके बावजूद बाजार में भीड़ देखने को मिल रही है। गली मोहल्लों में भी दिन भर आवाजाही बनी रहती है। जिससे कोरोना के फैलने का खतरा बना रहता है। इसके लिए गली मोहल्लों में पुलिस को निरंतर गश्त करने की जरूरत है।
महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता अनीता कुमारी के अनुसार कोरोना के मरीजों में इजाफा हो रहा है। कॉरोना पॉजिटिव अपने घरों में नहीं बैठ रहे है। कोरोना पॉजिटिव के परिजन भी कोरोना जांच के लिए सेम्पल देने नहीं आ रहे है। कोरोना संक्रमितों को घरों में ही रहने के लिए तथा परिजनों को कोरोना जांच के लिए सेम्पल देने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इस कार्य में महिलाएं भी सहयोग कर सकती है।
मोहनगढ पुलिस थानाधिकारी अरूण कुमार के अनुसार कामकाजी महिलाओं द्वारा सुझाव दिए गए। कोरोना गाइडलाइन की पालना के लिए पुलिस द्वारा सख्ती की जाएगी। अस्पताल में हर रोज पुलिस की गष्त रहेगी। विभिन्न मोहल्लों में गश्त कर कोरोना पॉजिटिव को घर में रहने के लिए पाबंद किया जाएगा। बिना वजह घूमने वालों पर कार्रवाई होगी। नहरी क्षेत्र में अपराधिक तत्वों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।