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न निरीक्षण और न निगरानी … रिक्त पदों की मार से जूझता महकमा

सरकार की ओर से महिलाओं व बच्चों के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है और लाभ के दावे भी किए जा रहे है।

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पोकरण. सरकार की ओर से महिलाओं व बच्चों के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है और लाभ के दावे भी किए जा रहे है। जबकि धरातल पर पद रिक्तता के कारण कार्यालय संचालन में ही परेशानी हो रही है। हालात यह है कि पोकरण व भणियाणा के महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालयों में केवल एक अधिकारी व दो सुपरवाइजर कार्यरत है। कार्मिकों की कमी के कारण केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का ग्रामीण क्षेत्रों में कैसे लाभ मिलेगा, इस पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो रहा है। क्षेत्र में 279 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित है। महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय पोकरण क्षेत्र में 136 और भणियाणा क्षेत्र में 143 आंगनबाड़ी केन्द्र स्थित है। पोकरण में एक परियोजना अधिकारी कार्यरत है, जिन्हें भणियाणा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके साथ ही पोकरण में दो महिला पर्यवेक्षक कार्यरत है, जिनमें से एक को भणियाणा का कार्य भार दिया गया है। इनके अलावा कार्यालय कर्मचारी नहीं होने के कारण योजनाओं के संचालन व पर्यवेक्षण में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

एक अधिकारी के भरोसे कार्यालय

पोकरण कार्यालय में सहायक प्रशासनिक अधिकारी, कनिष्ठ सहायक और लेखाधिकारी जैसे आवश्यक पद रिक्त है। विभागीय गतिविधियों का संचालन मात्र एक अधिकारी के भरोसे हो रहा है। क्षेत्र में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों की निगरानी व मार्गदर्शन के लिए नियुक्त 5 महिला पर्यवेक्षकों के पदों में से केवल 2 ही कार्यरत है। इनमें से एक को अतिरिक्त रूप से भणियाणा क्षेत्र का भी जिम्मा सौंपा गया है। ऐसे में कार्यभार और भी अधिक हो गया है।
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..और यहां तो स्थिति और निराशाजनक

भणियाणा क्षेत्र में स्थिति और भी निराशाजनक है। यहां महिला एवं बाल विकास विभाग में एक भी स्थायी अधिकारी या पर्यवेक्षक नियुक्त नहीं है। सीडीपीओ का पद भी रिक्त है। पोकरण के सीडीपीओ को अतिरिक्त कार्य भार दिया गया है। इसके अलावा सभी छह महिला पर्यवेक्षकों के पद रिक्त है। इसके साथ ही वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक व लेखाधिकारी के पद रिक्त है।

योजनाओं के संचालन पर असर

पद रिक्तता के कारण सुपोषण अभियान, आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पूरक पोषण आहार वितरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य निगरानी और अन्य योजनाओं की निगरानी व क्रियान्वयन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। केन्द्रों पर होने वाली प्री-स्कूल शिक्षा व पोषण सेवाओं का समय पर पर्यवेक्षण नहीं हो पा रहा है। यहां 279 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर एक अधिकारी व दो पर्यवेक्षक नाकाफी सिद्ध हो रहे है।

चला रहे है कार्य

पोकरण व भणियाणा में कार्यालय स्टाफ की कमी है। भणियाणा में सभी पद रिक्त है। व्यवस्था व कार्य चला रहे है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है।

  • करणसिंह राठौड़, अधिकारी महिला एवं बाल विकास परियोजना, पोकरण