
जैसलमेर में गर्मी की प्रचंडता अब परेशान करने की हदों से बाहर निकल कर इंसानी स्वास्थ्य पर हमला करने लगी है। जैसलमेर में भीषण गर्मी जानलेवा साबित हो रही है और अब तक कम से कम तीन जनों की जान लील चुकी है। जबकि बहुत संभव है कि ऐसे और भी मामले हो, जो सामने नहीं आ रहे हैं। दूसरी ओर हीट वेव की चपेट में आकर लोग बीमार भी पडऩे लगे हैं। हालत यह है कि पहली बार गर्मी के प्रचंड प्रहारों से मरुस्थलीय जैसलमेर के बाशिंदे भयभीत दिखाई दे रहे हैं। यही कारण है कि दिन से लेकर शाम के 7 बजे तक सडक़ों पर आवाजाही सामान्य दिनों के मुकाबले 15 फीसदी भी नहीं रहती। आंकड़ों की बात की जाए तो जैसलमेर में सोमवार का दिन इस सीजन का सबसे गरम दिन रहा। अधिकतम तापमान 48.7 डिग्री तक पहुंच गया। यह लगातार चौथा दिन रहा, जब पारे ने चमड़ी जलाने वाले 48 डिग्री तापमान को पार किया। दिनभर लू के थपेड़े इतनी तेजी से पड़े कि घरों से बाहर सडक़ पर निकले लोगों के होश उड़ा दिए। कई लोगों ने बताया कि पहली बार बाइक या स्कूटर चलाते हुए हाथ जलते महसूस हुए। घरों व कार्यालयों में लगे एयरकंडीशनर हांफने लगे हैं। दोपहर में कूलर व पंखें तो शीतलता की बजाय और गर्मी फैलाते अनुभव किए गए।
Updated on:
27 May 2024 08:26 pm
Published on:
27 May 2024 08:26 pm
