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जैसलमेर में मिलिट्री स्टेशन के पास पकड़ा गया संदिग्ध शख्स, मिलिट्री इंटेलिजेंस को जासूसी का शक

जासूसी के संदेह में एक जने को पकड़ा

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जासूसी के संदेह में एक जने को पकड़ा

जासूसी के संदेह में एक जने को पकड़ा

जैसलमेर। सीमावर्ती जैसलमेर में मिलिट्री इंटेलीजेंस ने एक व्यक्ति को जासूसी के संदेह में पकड़ा है और उससे पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन के टीएसपी गेट संख्या एक पर उक्त व्यक्ति को पकड़ा गया है। बताया जाता है कि उसके पास से कई संदिग्ध जानकारियां मिली हैं। उस व्यक्ति की आर्मी स्टेशन में केंटीन होने की जानकारी सामने आई है। जिसके कारण उसका स्टेशन में आना जाना था। आर्मी इंटेलीजेंस कई दिनों से उस पर नजर रखे हुए थी। पकड़े गए व्यक्ति का नाम बाय खां निवासी बासनपीर बताया जाता है।

स्वर्णनगरी व पर्यटन नगरी के तौर पर देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान बना चुके जैसलमेर जिला एक बार फिर जासूसी नेटवर्क के तौर पर आईएसआई की गिद्ध नजरों में आ चुका है। आए दिन सरहदी जिले में धरे जा रहे जासूसों ने जहां सुरक्षा पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह बात भी किसी से छिपी नहीं है कि विषम भौगोलिक क्षेत्र में फैले क्षेत्रफल पर निगरानी रखने के लिए पुलिस तंत्र का दायर सीमित होने और संदिग्ध लोगों की आवाजाही बढऩे से राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में बढ़ोतरी हो रही है।

जानकार बताते हैं कि सरहदी जैसलमेर जिले में स्लीपर सेल की चंद कडिय़ां ही उजागर हुई है, लेकिन अभी कई मजबूत कडिय़ों से आईएसआई के तार जुड़े हुए हैं और उन्होंने भी जैसलमेर को ही अपनी कर्मस्थली बना रखा है। देश से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां व गोपनीय तथ्यों को पड़ौसी मुल्क तक पहुंचाने वाले लोग एक दूसरे को जानते तक नहीं है। उन सबको आपस में जोड़े रखता है ‘लालच’ से जुड़ा नेटवर्क। सामान्य जानकारियों के नाम पर अपार पैसा देने की आईएसआई की प्रवृत्ति के झांसे में कई लोग आ जाते हैं।

पाकिस्तान से कॉल यानि खतरे की घंटी
जानकारों की मानें तो पाकिस्तान से आने वाले कॉल लॉटरी लगने का झांसा देकर किसी नंबर पर फोन करने की बात कहते हैं। यदि इस साजिश में कोई फंस जाए तो उसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है। जानकार बताते हैं कि ऐसे अनजान कॉल किसी जानकारी लेने या फिर पैसे ऐंठने के लिए किए जाते हैं। उधर, जैसलमेर में आए दिन जासूसी के नेटवर्क की नई कडिय़ा उजागर हो रही है। उधर, सरहद पार से पाक बच्चों के प्रवेश होने, हेरोइन प्रकरण, महत्वपूर्ण विभाग से गोपनीय सूचनाएं लीक होने के प्रकरण और आए दिन खुल रही जासूसी की परतों के बाद जैसलमेर की आंतरिक व सरहदी सुरक्षा को लेकर आशंका होना लाजमी है।