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Jaisalmer: एक पोल टूटा, एकां जीएसएस ठप, बीस घंटे अंधेरे में रहे हजारों ग्रामीण

पोल क्षतिग्रस्त होने से एकां जीएसएस की विद्युत आपूर्ति बंद हो गई और उससे जुड़े एक दर्जन से अधिक गांवों तथा ढाणियों में 20 घंटे से अधिक समय तक अंधेरा पसरा रहा। भीषण गर्मी और उमस के बीच हजारों ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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रामदेवरा। वाहन की टक्कर से क्षतिग्रस्त होकर जमीन पर गिरा 33 केवी विद्युत पोल, जिससे एका जीएसएस की विद्युत आपूर्ति 20 घंटे से अधिक समय तक बाधित रही।

रामदेवरा. पोकरण से एकां ग्रिड सब स्टेशन (जीएसएस) तक आने वाली 33 केवी विद्युत लाइन का एक पोल वाहन की टक्कर से टूटकर गिर जाने के कारण शुक्रवार रात क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। पोल क्षतिग्रस्त होने से एकां जीएसएस की विद्युत आपूर्ति बंद हो गई और उससे जुड़े एक दर्जन से अधिक गांवों तथा ढाणियों में 20 घंटे से अधिक समय तक अंधेरा पसरा रहा। भीषण गर्मी और उमस के बीच हजारों ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।ग्रामीणों का आरोप है कि केवल एक पोल बदलने में डिस्कॉम ने पूरा दिन लगा दिया। इस दौरान घरों में लगे इनवर्टर जवाब दे गए, पंखे, कूलर, पानी की मोटर और अन्य विद्युत उपकरण बंद पड़े रहे। बिजली नहीं रहने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई और लोगों का दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।

एक सप्ताह में दूसरी बार बिगड़ी व्यवस्था

एक सप्ताह के भीतर दूसरी बड़ी घटना है, जब एका जीएसएस की विद्युत आपूर्ति लंबे समय तक ठप रही। गत शनिवार आए तेज तूफान में पोकरण-एका 33 केवी लाइन के कई पोल गिर गए थे। तब भी बिजली बहाल होने में 48 घंटे से अधिक समय लगा था। लगातार दूसरी बार लंबे बिजली संकट ने डिस्कॉम की रखरखाव व्यवस्था और आपदा तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मानसून से पहले ही व्यवस्था बेपटरी

ग्रामीणों का कहना है कि अभी मानसून पूरी तरह सक्रिय भी नहीं हुआ है, फिर भी बिजली व्यवस्था बार-बार जवाब दे रही है। यदि तेज बारिश और आंधी का दौर शुरू हुआ तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। नियमित रख-रखाव और मरम्मत के दावों के बावजूद बार-बार होने वाले लंबे बिजली संकट से लोगों का भरोसा कमजोर पड़ रहा है।

मोबाइल बंद, नहीं मिला कोई जवाब

बिजली संकट के दौरान ग्रामीणों ने डिस्कॉम अधिकारियों से संपर्क करने के लिए कई बार सरकारी मोबाइल नंबरों पर कॉल किए, लेकिन अधिकांश फोन स्विच ऑफ मिले। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि संकट की घड़ी में जिम्मेदार अधिकारियों का उपलब्ध नहीं होना बेहद चिंताजनक है।

स्थायी समाधान की मांग तेज

लगातार बाधित हो रही विद्युत आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि फ्रेंचाइजी और ठेकेदारों के माध्यम से रख-रखाव कार्य कराने के बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा। ग्रामीणों ने मांग की है कि 33 केवी लाइन को मजबूत बनाया जाए, जर्जर पोल और उपकरण बदले जाएं तथा बिजली संकट के समय जिम्मेदार अधिकारी आमजन के लिए उपलब्ध रहें।

लंबे समय तक बिजली बंद रहना चिंताजनक

पिछले 20 घंटे से अधिक समय से क्षेत्र में बिजली नहीं है। भीषण गर्मी के कारण बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं। एक सप्ताह में दूसरी बार इतने लंबे समय तक बिजली बंद रहना बेहद चिंताजनक है।

- राजू, ग्रामीण, रुणिचा कुआं

जिम्मेदारों के स्विच ऑफ मिले मोबाइल

न बारिश हुई और न ही तूफान, फिर भी एक पोल टूटने से शुक्रवार रात से शनिवार तक बिजली बंद रही। भीषण गर्मी में लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। जिम्मेदार अधिकारियों के मोबाइल स्विच ऑफ मिले, जिससे किसी से संपर्क तक नहीं हो सका।

-श्याम, ग्रामीण, एकां