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दीपावली पर 400 गाँवों की खुशियों पर लग सकता है ग्रहण,आखिर ऐसा क्यों? जानिए पूरी खबर

पत्रिका अभियान: .. ताकि खुशियों के पर्व में न लगे आग पूर्व में हुए हादसों से भी नहीं लिया सबक...400 गांवों पर केवल 4 अग्निशमन वाहनों की मेहरबानी? -दूरस्थ गांवों तक पहुंचने में फूल रहा दमकलों का दम-सरहदी जिले में दीपावली से पूर्व आग लगने की घटनाएं रोकने को प्रभावी प्रयासों की दरकार -संकड़ी गलियों में से होकर निकलने वाली छोटी मशीनों की जरूरत

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jaisalmer

दीपावली पर 400 गाँवों की खुशियों पर लग सकता है ग्रहण,आखिर ऐसा क्यों? जानिए पूरी खबर

जैसलमेर. दीपावली पर्व नजदीक है और भविष्य में बड़े अग्निकांडों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। खुशियों के माहौल में गमगीन माहौल न हो, इसके लिए जरूरी है कि आग रोकने के लिए माकूल प्रबंध पहले से ही कर लिए जाए। पत्रिका पड़ताल में यह बात सामने आई है कि विशाल भू-भाग वाले सरहदी जैसलमेर जिले में आग बुझाने के इंतजाम नाकाफी है। क्षेत्रफल के लिहाज से बड़े भू-भाग में अग्निकांड को रोकने के लिए कई बार दमकल पहुंचने से पहले सब कुछ जलकर राख हो जाता है। हकीकत यह है कि मौजूदा समय में जैसलमेर नगरपरिषद के पास वर्तमान में चार दमकलें है। एक दमकल खराब हालत में है। इस प्रकार तीन दमकलों पर करीब ४०० गांवों की सुरक्षा का जि मा है। हकीकत यह भी है कि रामगढ़ और मोहनगढ़, इन अलग-अलग दिशाओं वाले स्थानों में आग लग जाए तो आग बुझाने को लेकर परेशानियां बढऩे की आशंका है। दीपावली पर्व से पूर्व जैसलमेर में पर्यटन सीजन भी उफान पर है। सम और खुहड़ी में कई रिर्सोट्स व टेंट लगे है।
परेशानी यह भी
-जैसलमेर शहर में दमकल वाहन बुआजीसा मंदिर के पास गौ शाला के सामने खड़े देखे जा सकते हैं, लेकिन जब भी शहर में कही आग लग जाती है तो फायरमेन सोच में पड़ जाते हैं कि संकड़ी गलियों में दमकल वाहन कैसे ले जाएं और भीतर गली तक पाइप कैसे पहुंचाया जाए। दमकल इतनी बड़ी है कि शहर की संकड़ी गलियों मे जा नहीं सकती।

फैक्ट फाइल -
-3 दमकलें सही हालत में अग्निशमन केन्द्र के पास
-१ दमकल खराब हालत में चार दमकलों में से
-27 कर्मचारी ३ शि ट में वर्तमान में दे रहे हैं सेवाएं
--38 हजार से अधिक वर्ग किमी क्षेत्रफल है सरहदी जैसलमेर जिले का।
-२०० के करीब आग लगने की घटनाएं घट चुकी है विगत पांच वर्षों में

छोटी गाडिय़ों की जरूरत
जैसलमेर शहर लगातार बढ़ रहा है। नई कॉलोनियां भी बस रही है और शहरी आबादी भी बढ़ रही है। आबादी और क्षेत्रफल के लिहाज से दमकलें भी कम है और छोटी दमकलों की जरूरत है। यहां पर काम करने वाले फायरमेन भी ठेकापद्धति के अनुसार नियुक्त किए गए हैं।
-सुमार खान, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष, जैसलमेर

त्योहारी सीजन में सतर्क
जैसलमेर के अलावा समीपवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में भी आग बुझाने के लिए दमकलें भेजी जाती है।फिलहाल स्थिति काबू में है, फिर भी दीपावली जैसे पर्वों पर विशेष सतर्कता की जरूरत रहती है। यदि शहर के लिए छोटी दमकले होतो काम और आसान हो सकेगा। हमारे पास उपलब्ध संसाधनों व व्यवस्था से हम बेहतर सेवा देने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।
-चंद्रशेखर बिस्सा, प्रभारी, अग्निशमन केन्द्र, जैसलमेर