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जलापूर्ति और सीवरेज के बकाया कार्यों को लटकाया

- जैसलमेर में रूडीप ने दूसरे चरण के कार्यों को नहीं दी मंजूरी- सवा दो वर्ष पहले हो चुका डीपीआर का अनुमोदन

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जलापूर्ति और सीवरेज के बकाया कार्यों को लटकाया

जलापूर्ति और सीवरेज के बकाया कार्यों को लटकाया

जैसलमेर. जैसलमेर की कई आवासीय कॉलोनियों में बसे हुए लोगों को पीने के पानी की सबसे मूलभूत सुविधा के लिए अभी और इंतजार करना होगा। इसी तरह से शहर की कच्ची बस्तियों सहित कुछ इलाकों में रहने वालों को जल-मल निकासी की आधुनिक सीवरेज व्यवस्था के लिए भी फिलहाल तरसना ही होगा। ये दोनों कार्य आरयूआईडीपी (रूडीप) की ओर से दूसरे चरण में करवाया जाना था। रूडीप ने अभी चौथे चरण के पहले फेज में शामिल 14 शहरों में करवाए जाने वाले कार्यों को मंजूरी देते हुए जैसलमेर को इससे बाहर रख दिया है। इस तरह से दूसरे फेज में जैसलमेर सहित 28 शहरों में करवाए जाने वाले कार्य फिर से अटक गए हैं। हालांकि जैसलमेर में पहले चरण के सीवरेज व जलापूर्ति के कार्यों में कई कमियां रह गई थी।
153 करोड़ के होने हैं कार्य
गौरतलब है कि रूडीप के चौथे चरण के तहत जैसलमेर शहर में जलापूर्ति और सीवर कार्यों को करवाया जाना है। इन कार्यों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को जिला कलक्टर की अध्यक्षता में 19 जुलाई 2018 को ही अनुमोदित कर दिया गया था। परियोजना के तहत जैसलमेर शहर में अनुमानित 153 करोड़ रुपए के कार्य करवाए जाने प्रस्तावित हैं। जिनमें 88 करोड़ जलापूर्ति और 65 करोड़ रुपए सीवर कार्यों पर खर्च होने हैं। जानकारी के अनुसार द्वितीय फेज के शहरों के चयन का कार्य अभी प्रक्रियाधीन है। दूसरे फेज का अनुमोदन एडीबी की ओर से पहले फेज की प्रगति की समीक्षा के बाद किया जाएगा।
लाखों रुपए के मकानों में जल कनेक्शन नहीं
रूडीप की ओर से कार्य में देरी का खामियाजा लक्ष्मीचंद सांवल आवासीय योजना, दीनदयाल उपाध्याय और जवाहर नगर कॉलोनी के हजारों आवंटियों को भुगतना पड़ रहा है। इनमें सांवल व उपाध्याय कॉलोनी में तो लोगों ने लाखों रुपए लगाकर गृह निर्माण करवा लिए और सैकड़ों परिवार यहां रह रहे हैं। इसी प्रकार शहर की कच्ची बस्तियों, पुलिस लाइन आदि कई जगहों पर अभी तक सीवरेज कार्य नहीं हो पाया है। जिससे वहां जल-मल की निकासी बड़ी समस्या बनी हुई है। लोगों को सड़ांध भरे वातावरण में रहना पड़ता है।
सभापति ने उठाई थी मांग
गौरतलब है कि रूडीप के चौथे चरण के कार्य जल्द करवाने के लिए पिछले महीने जैसलमेर नगरपरिषद के सभापति हरिवल्लभ कल्ला ने मुख्यमंत्री और स्वायत्त शासन मंत्री को पत्र लिखा था। जिसके प्रत्युत्तर में रूडीप के अतिरिक्त परियोजना निदेशक ने कल्ला को पत्र लिख कर बताया कि पहले फेज में जिन 14 शहरों में कार्य स्वीकृत किए गए हैं, उनमें जैसलमेर शामिल नहीं है।