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तीसरी लहर से पहले अभिभावकों की जिम्मेदारी और बढ़ी

-जिले में सबसे ज्यादा संक्रमित हुए छोटे बच्चे और किशोर-घबराना नहीं, संभल कर रहना जरूरी
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

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Updated: 28 May 2021, 8:14 PM IST

तीसरी लहर से पहले अभिभावकों की जिम्मेदारी और बढ़ी

तीसरी लहर से पहले अभिभावकों की जिम्मेदारी और बढ़ी

जैसलमेर. जैसलमेर जिले में कोरोना की दूसरी लहर के बीच तीसरी लहर का आभास 18 साल से कम आयु के बच्चों और किशोरों के बड़ी संख्या में संक्रमित होने से हो गया है। करीब 1800 बच्चों के संक्रमित होने के बावजूद यह संयोग ही रहा कि जनहानि नहीं हुई लेकिन आने वाले समय को लेकर इस तथ्य ने निश्चित तौर पर चिंता बढ़ा दी है। जिले में अभिभावकों की जिम्मेदारी अब और बढ़ गई है। उन्हें अपने साथ घर में बच्चों को कोरोना से बचाने की खास फिक्र करने की जरूरत महसूस होने लगी है। जिले के दूसरी लहर में कुल संक्रमितों में 12 फीसदी बच्चे कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं।
मुख्यालय के अलावा कहीं नहीं विशेषज्ञ
चिकित्सा के क्षेत्र में बेहद पिछड़े जैसलमेर जिले में एकमात्र सरकारी अस्पताल जवाहिर चिकित्सालय के अलावा कहीं पर भी बाल रोग विशेषज्ञ नियुक्त नहीं है। जानकारी के अनुसार पोकरण सहित तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ही इन विशेषज्ञों के एक.एक पद स्वीकृत है और वे सभी रिक्त ही चल रहे हैं। ऐसी दशा में राज्य सरकार की ओर से ब्लॉक स्तर पर सीसीयू, चाइल्ड केयर यूनिट की स्थापना करना मुश्किल भरा काम होगा। जवाहिर चिकित्सालय में भी तीन में से दो विशेषज्ञ कार्यरत हैं। निजी अस्पतालों व क्लिनिकों में तीन-चार विशेषज्ञ अवश्य कार्यरत है। ऐसी सूरत में आगामी महीनों में तीसरी लहर आई और बच्चे बड़ी तादाद में संक्रमित हुए तो स्थितियों को संभालना कठिन कार्य होगा।
घरों में बैठे संक्रमित हुए
अप्रेल माह से कमोबेश लॉकडाउन तथा स्कूलों की छुट्टियों के कारण बच्चे घरों में ही रहे हैं। इसके बावजूद वे बहुत बड़ी संख्या में संक्रमित हुए हैं तो इसका कारण घर के बड़ों से सम्पर्क ही है। आने वाले समय में जब लॉकडाउन हट जाएगा और बच्चे व किशोर बाहर निकलेंगे, तब उन्हें संक्रमण से बचा कर रखने की जिम्मेदारी अभिभावकों को मुख्य तौर पर संभालनी होगी। चिकित्सकों के अनुसार अभिभावकों को बेहद सावधानी भरा व्यवहार करने की जरूरत आगे भी बनी रहेगी। उनके अनुसार कोरोना से संक्रमित होने पर बच्चों के उपचार से ज्यादा उनके मनोबल को बनाए रखने तथा जरूरी सावधानियां बरतने की समझ विकसित करने की चुनौती होगी।

...इसलिए सावधानी बरतने की दरकार
कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को संक्रमित होने से बचाने के लिए उनके माता.पिता को बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। दूसरी लहर में 0 से 5 और 14 वर्ष तक के सैकड़ों बच्चे संक्रमित हुए हैं। आने वाले समय में हमारे बच्चे इस महामारी से बचे रहें, यह तय करने के लिए सरकारी गाइडलाइन की पालना पूरे तौर पर करनी होगी।
-शाले मोहम्मद, केबिनेट मंत्री, राजस्थान सरकार