India Pakistan War: जैसलमेर में एक दिन पहले हुई हमले की कोशिश के बाद गुरुवार रात पूरे जिले में तनाव का माहौल रहा। हालांकि शुक्रवार सुबह होते ही माहौल में हल्का सुकून नजर आया।
जैसलमेर। भारत-पाक सीमा से सटे जैसलमेर जिले में एक दिन पहले हुई हमले की कोशिश और भारतीय सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई के बाद गुरुवार की रात पूरे जिले में तनाव का माहौल रहा। ब्लैकआउट के चलते अंधेरे में डूबे शहर और गांवों में लोगों ने बेचैनी में रात बिताई। इस दौरान कई इलाकों में तेज बारिश भी हुई, जिससे डर और भी गहरा गया।
हालांकि शुक्रवार सुबह होते ही माहौल में हल्का सुकून नजर आया। बाजारों में चहल-पहल शुरू हुई और लोग अपने-अपने काम पर लौटते दिखे, लेकिन हर गली और चौक-चौराहे पर देशभक्ति की चर्चाएं चलती रहीं। युवाओं में खासा जोश देखा गया, जो भारतीय सेना की त्वरित कार्रवाई पर गर्व करते नजर आए। वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि ऐसे समय में जनता को एकजुट रहने और सेना के साथ खड़े होने की जरूरत है।
बता दें कि जिला प्रशासन की ओर से जैसलमेर में रात 9 बजे से तड़के 4 बजे तक ब्लैक आउट लागू किया गया है। इस दौरान लोगों ने अपने घर और आसपास की लाइटें बंद रखी। साथ ही खिड़कियों को परदे से ढके रखा। जिले के सीमा से सटे ग्रामीण क्षेत्रों के बाशिंदों को जरूरत पड़ने पर शिफ्ट किए जाने की रूपरेखा भी बनाई जा रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों को अलर्ट रहने को कहा गया है।
सीमा पर तनाव के हालात के बीच पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने कहा कि जब भी ब्लैकआउट होता है तो उसकी पूरी तरह से पालना की जाए। साथ ही उन्होंने यह विश्वास दिलाया कि हम, हमारा देश और हमारी सीमाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं। हमारी सशस्त्र सेनाओं में इतनी ताकत है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता। किसी दुश्मन की हिम्मत नहीं हो सकती कि हमारी तरफ नापाक दृष्टि डाल सके। उन्होंने लोगों से कहा कि अफवाहों से दूर रहना हमारा दायित्व है।
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