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पाइप लाइन टूटी, 9 घंटे तक बहा लाखों गैलन पानी, बिन बरसात बन गई नदी

-नाचना-पोकरण सड़क पर कई स्थान क्षतिग्रस्त होकर बन गए गहरे गड्ढ़े

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पाइप लाइन टूटी, 9 घंटे तक बहा लाखों गैलन पानी, बिन बरसात बन गई नदी

पाइप लाइन टूटी, 9 घंटे तक बहा लाखों गैलन पानी, बिन बरसात बन गई नदी

नाचना . नाचना-फांटा व सत्याया के बीच पोकरण सड़क के किनारे पोकरण बालोतरा सिवाना लिफ्ट की स्थापित पाइप लाइन शुक्रवार देर रात लीकेज होकर कर टूट जाने से लाखों गैलन पानी व्यर्थ में बहकर तालाब व नदी का रूप ले लिया। शुक्रवार देर शाम नाचना फांटा से लगभग ढाई किलोमीटर सत्याया की तरफ इस परियोजना की पाइप लाइन से साम को पानी का रिसाव होना प्रारंभ हुआ, जो की रात्रि लगभग 11 बजे पानी के दबाव के चलते पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। ऐसे में बड़ी मात्रा में पानी सड़क किनारे बहने लगा । शनिवार सुबह 8 बजे तक लगभग 9 घंटे तक एक ही स्पीड से टूटे पाइपलाइन स्थान पर पानी बहता रहा। इस दौरान नाचना-पोकरण सड़क का पटड़ा कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होकर गहरे गड्ढ़े बन गए तथा सड़क किनारे बहते पानी ने तालाब नदी नाले का रूप ले लिया। शनिवार सुबह नाचना फांटा पर स्थित इस परियोजना के पंपिंग स्टेशन नंबर एक पर सूचना मिलने पर पानी के विद्युत चलित पम्पों को बंद किया गया। यदि कुछ ही मिनटों में पाइप लाइन से बहते पानी को बंद नहीं किया जाता तो नाचना. पोकरण सड़क क्षतिग्रस्त होकर आवागमन बाधित होने से इनकार नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि पोकरण बालोतरा सिवाना लिफ्ट परियोजना से तीन शहर पोकरण, बालोतरा, सिवाना तथा 580 गांव जिसमें 403 गांव जिला बाड़मेर के 177 गांव जिला जैसलमेर के वर्ष 2001 की जनगणना अनुसार 1268527 लोग पेयजल से लाभान्वित होना पूर्व में प्रस्तावित था इसके पश्चात भी इस योजना में अन्य कई गांवों को पेयजल योजना में सम्मिलित किया गया है। वर्तमान में इस लिफ्ट के संचालन का कार्य एसपीएमएल कंपनी की ओर से किया जा रहा है जो कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग परियोजना के अधीनस्थ कार्य कर रहा है। पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो जाने से लाखों गैलन पानी व्यर्थ में बह गया। लिफ्ट परियोजना के सूत्रों की माने तो नाचना फांटा के पास स्थापित पंपिंग स्टेशन नंबर 1 से पानी लिफ्ट कर बीलीया, पोकरण की ओर पाइप लाइन के माध्यम से भेजा जाता है। पम्पिंग स्टेशन पर 1200- 1200 हॉर्स पावर के दो पम्प चौबीस घंटे चलते हैं, जिससे लगभग 3000 क्यूबिक पानी प्रति घंटा डिस्चार्ज होता है। लगभग 9 घंटों में 27000 क्यूबिक पानी व्यर्थ में बह जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। ्रजिम्मेदारों की जुदा है राय
परियोजना के अधिकारी इस घटना को मामूली समझ रहे हैं। उनका कहना है कि केवल 20-25 टेंकर पानी ही व्यर्थ बहा है, जबकि मौके पर पानी का तालाब बना हुआ है। करीब 500 मीटर तक लंबाई में फैला पानी नदी नाले का रूप दिखाई दिया जा सकता है। पाइप लाइन क्षतिग्रस्त की सूचना पर शनिवार दोपहर में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग लिफ्ट परियोजना के नाचना क्षेत्र के अधिकार अधिशासी अभियंता महेश शर्मा तथा पोकरण क्षेत्र के अधिशासी अभियंता राजेंद्र पुरोहित मौके पर पहुंचे। इसके बाद अधीक्षण अभियंता जैसलमेर विनोद भारती भी मौके पर पहुंचे, उनकी ओर से मौके का निरीक्षण किया गया। इसके बाद पाइप लाइन के दुरुस्त करवाने की कवायद की गई। उधर, ग्रेफ विभाग के कर्मचारी सुबह के समय ही मौका स्थल पर पहुंच चुके थे उनकी ओर से क्षतिग्रस्त सड़क के पटड़े को ठीक करने व गड्ढ़ों को भरने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया। शाम तक विभाग के अधिकारी भी मौके पर डेरा लगाये हुए थे।