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पोकरण: जिला अस्पताल में 81 पद रिक्त, सफाई कर्मचारी एक भी नहीं

पोकरण कस्बे का राजकीय जिला चिकित्सालय लंबे समय से पद रिक्तता की समस्या से जूझ रहा है।

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पोकरण. पद रिक्तता की समस्या से झूंझता राजकीय जिला चिकित्सालय। फाइल

पोकरण कस्बे का राजकीय जिला चिकित्सालय लंबे समय से पद रिक्तता की समस्या से जूझ रहा है। बीमारी का ईलाज नहीं होने के कारण मरीजों का मर्ज बढ़ता जा रहा है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। गौरतलब है कि जिला मुख्यालय के बाद पोकरण में ही जिला स्तर का राजकीय चिकित्सालय स्थित है। यहां चिकित्सकों सहित चिकित्साकर्मियों के बड़ी संख्या में पद रिक्त होने के कारण मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है। हालात यह है कि कुल स्वीकृत 145 पदों पर केवल 64 कार्मिक कार्यरत है और 81 पद रिक्त पड़े है। ऐसे में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

चिकित्सकों के पद रिक्त

राजकीय जिला चिकित्सालय में वरिष्ठ विशेषज्ञों के 4 पद स्वीकृत है। इनमें से केवल एक स्त्री रोग व एक दंत रोग विशेषज्ञ ही कार्यरत है। अन्य सर्जनी व मेडिसिन दोनोंं विशेषज्ञों के पद रिक्त पड़े है। कनिष्ठ विशेषज्ञ में निश्चेतन, मेडिसिन, शिशु रोग, ईएनटी, ऑर्थो, सर्जरी, टीबी एंड चैस्ट, रेडियोलॉजी के पदों पर चिकित्सक कार्यरत है। स्त्री रोग, चर्म रोग के पद रिक्त है। वरिष्ठ चिकित्साधिकारी के स्वीकृत तीन पदों में से दो पद भरे हुए है। चिकित्साधिकारी के 12 पदों में से केवल 2 पद भरे हुए है और 10 रिक्त पड़े है। चिकित्साधिकारी दंत का एक पद रिक्त पड़ा है।

चिकित्साकर्मियों के पद रिक्त

राजकीय जिला चिकित्सालय में नर्सिंग अधीक्षक का एक, नर्स श्रेणी प्रथम के 8 में से 4, द्वितीय के 46 में से 14, फार्मासिस्ट संवर्ग के 4 में से 1, रेडियोग्राफर संवर्ग के 5 में से 3, लैब टेक्निशियन संवर्ग के 7 में से 4, ईसीजी टेक्निशियन का एक, डेंटल टेक्निशियन का एक, नेत्र सहायक के 3 में से 2, फीजियोथेरेपिस्ट का एक पद रिक्त पड़ा है। ऐसे में मरीजों के उपचार, दवाइयां देने, इंजेक्शन व ड्रिप लगाने आदि को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कार्यालय कार्मिकों के भी कई पद रिक्त है।

सफाई कर्मचारी एक भी नहीं

राजकीय अस्पताल में सफाई कर्मचारियों के 8 पद स्वीकृत है। ये सभी पद रिक्त पड़े है। जिसके कारण आए दिन अस्पताल की सफाई व्यवस्था बिगड़ जाती है। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से इस संबंध में ठेका दिया गया है, लेकिन कई बार व्यवस्था बिगडऩे के कारण मरीजों को परेशानी से रु-ब-रु होना पड़ता है।

मरीजों को होती है परेशानी

चिकित्सकों व चिकित्सा कर्मियों के पद रिक्त होने के कारण मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल पाता है। ऐसे में कई बार मरीजों को जोधपुर जाकर उपचार करवाना पड़ता है। यही नहीं कार्यरत चिकित्सकों में से भी कोई अवकाश पर होने की स्थिति में भी मरीजों को अन्यंत्र जाना पड़ रहा है। बावजूद इसके पदों को भरने व मरीजों को राहत दिलाने को लेकर कोई कवायद नहीं की जा रही है।

ट्रोमा सेंटर के सभी पद रिक्त

कस्बे में राजकीय जिला चिकित्सालय के साथ 3 वर्ष पूर्व ट्रॉमा सेंटर भी स्वीकृत किया गया था। हालांकि अभी तक भवन निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन ट्रोमा सेंटर स्वीकृत है। ऐसे में पदों की भी स्वीकृति कर दी गई है। ट्रोमा सेंटर के सभी पद रिक्त पड़े है। सर्जरी कनिष्ठ विशेषज्ञ, चिकित्साधिकारी स्नात्कोर सर्जरी व हड्डी के पदों के साथ नर्सिंग अधिकारियों के 10 पद रिक्त है। जिससे ट्रॉमा सेंटर की सुविधाओं का भी लाभ नहीं मिल रहा है।

फैक्ट फाइल:-

- 145 पद स्वीकृत है राजकीय जिला चिकित्सालय में

- 81 पद पड़े है रिक्त

- 800 से अधिक रहती है प्रतिदिन ओपीडी- 100 मरीज रहते है अस्पताल में भर्ती