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पोकरण: पहले रूणिचा एक्सप्रेस तो अब शकूर बस्ती से भी पोकरण वंचित

लंबे समय से बेहतर रेल सुविधाओं की राह देख रहे पोकरण के निवासियों की उम्मीदों पर एक बार फिर पानी फिर गया है।

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लंबे समय से बेहतर रेल सुविधाओं की राह देख रहे पोकरण के निवासियों की उम्मीदों पर एक बार फिर पानी फिर गया है। आगामी दिनों में शुरू होने वाली शकूर बस्ती जैसलमेर-दिल्ली एक्सप्रेस रेल के संचालन आदेश जारी कर दिए गए है, लेकिन इस नई सुविधा में भी पोकरण रेलवे स्टेशन को ठहराव से वंचित रखा गया है।

गौरतलब है कि पोकरण में आजादी से पूर्व 1939 में रेलवे स्टेशन की स्थापना की गई थी, जिसके बाद से यह स्टेशन लंबी दूरी की रेलों का इंतजार कर रहा है। कुछ वर्ष पूर्व पोकरण स्टेशन पर बांद्रा टर्मिनस, लीलण एक्सप्रेस, साबरमती एक्सप्रेस जैसी रेलों का संचालन शुरू किया गया। जिसके बाद शुरू हुई रुणीचा एक्सप्रेस से पोकरण को वंचित कर दिया गया। ऐसे में लोगों को परेशानी हो रही थी। उन्हें गोमट या रामदेवरा जाकर यात्रा करनी पड़ रही थी। अब नई शकूर बस्ती एक्सप्रेस में भी पोकरण को शामिल नहीं करने से लोगों में निराशा है।

सीधा संचालन गोमट से, यात्री परेशान

शकूर बस्ती एक्सप्रेस आगामी 29 नवंबर को जैसलमेर से रवाना होगी, जिसे रेलवे मंत्री हरी झंडी दिखाएंगे। इस रेल का संचालन गोमट से सीधा किया जाएगा। जिससे पोकरण के यात्रियों को दिल्ली व जयपुर जैसे प्रमुख शहरों तक पहुंचने के लिए गोमट या रामदेवरा जाना पड़ेगा।

हकीकत: ऐतिहासिक स्टेशन, लेकिन सुविधाओं की कमी

पोकरण का रेलवे स्टेशन आजादी से भी पुराना है, इसके बावजूद यहां से लम्बी दूरी की ट्रेनों की कमी है। विशेष रूप से जयपुर व दिल्ली के लिए पर्याप्त रेलें नहीं है। लीलण एक्सप्रेस की समय सारणी लोगों को रास नहीं आ रही है तो रुणिचा एक्सप्रेस जयपुर स्टेशन पर नहीं जाती है। ऐसे में ऐतिहासिक स्टेशन के बावजूद सुविधाओं की कमी से लोग परेशान हो रहे है।