
जैसलमेर। रामदेवराबाबा में बाबा रामदेव जी की समाधि के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने लापरवाही बरतते हुए अपने दुधमुंही बच्ची को बंद गाड़ी में छोड़ दिया। करीब 1 घंटे तक गाड़ी में जोर-जोर से रोती रहने के बाद पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से दुधमुंही बच्ची को बंद गाड़ी से बाहर निकाला।
बाड़मेर जिले के धोरीमना पुलिस थाना क्षेत्र के रोहिला गांव से गंगाराम मेघवाल व उसकी धर्म पत्नी सोनी मेघवाल अपने परिवार और अन्य रिश्तेदारों के साथ बुधवार को दर्शन करने रामदेवरा पहुंचे थे। सभी ने दर्शन करने से पूर्व निजी पार्किंग में अपनी बोलेरो गाड़ी में 6 माह की दूध पीती बच्ची जिसका नामकरण तक अभी नही हुआ है उसको बंद गाड़ी में छोडक़र सभी दर्शन करने चले गए। थोड़ी देर में ही दुधमुंही बच्ची जोर-जोर से रोने लगी।
अर्ध मूर्छित सी हो गई बच्ची
इस पर पार्किंग चलाने वाले भोम सिंह लखानी और मांगू सिंह ने पुलिस को इत्तला दी। सूचना पर मुख्य आरक्षक प्रवीण सिंह एवं कांस्टेबल जय शर्मा तत्काल घटनास्थल स्थित पार्किंग पहुंचे। बमुश्किल बंद गाड़ी के कांच को काफी मशकत से खोलकर बच्ची को बाहर निकाला गया। एक घंटे से बिलख-बिलख कर रो रही बच्ची अर्ध मूर्छित सी हो गई।
बच्ची को पिलाया पानी व दूध
पुलिस ने अन्य श्रद्धालुओं के सहयोग से बच्ची को पानी व दूध पिलाया। वाहन के ड्राइवर और बच्ची के माता-पिता को ढूंढा गया। पुलिस ने सभी रिश्तेदारों के समक्ष कांच खोलकर बाहर निकाली बच्ची को परिजनों को सुपुर्द किया। पुलिस व वाहन पार्किंग मालिक की आपसी सूझबूझ और तालमेल से एक 6 माह की दूध पीती बच्ची की जान बच गई।
पुलिस की तत्पर कार्य प्रणाली की सभी ने सराहना की। क्योंकि जरा सी भी देर और हो जाती तो बच्ची का बच पाना मुश्किल था। पुलिस ने रिश्तेदारों और पिता को पाबंद कर सभी को यहां से रवाना किया। परिवारजनों की छोटी सी लापरवाही एक दूध पीती बच्ची की जिंदगी को लील लेती। बच्ची के सही सलामत बंद गाड़ी से बाहर निकलने पर सभी ने राहत की सांस ली।
Published on:
28 Mar 2018 06:37 pm
