
करोड़ों की कमाई वाले रेलवे स्टेशन पर कुली की सुविधा नहीं,जानिए पूरी खबर
जैसलमेर. जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर टोली बैग के माध्यम से यात्री अपने सामान को टोली में रखकर स्टेशन से बाहर तक लेजा सकने और सामान खोने के भय से भी मुक्ति दिलाने की कवायद अभी तक मूर्त रूप नहीं ले पाई है। गौरतलब है कि यात्रियों को क्षमता से अधिक बोझ रेलवे स्टेशन से बाहर वाहन तक सुरक्षित ले जाने के लिए करीब पांच वर्ष पहले जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर कुली की सुविधा शुरू करने के संकेत मिले थे, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई प्रयास ही देखने को नहीं मिल रहे हैं। वैसे, रेलवे अधिकारियों ने दावा किया था कि महानगरों की तरह जैसलमेर में भी कुली व्यवस्था लागू होगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अभी भी इस संबंध में कोई सकारात्मक प्रयास किए जाने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। यही कारण है कि करोड़ों रूपए की राजस्व हर वर्ष रेलवे की झोली में डालने वाले व प्रदेश के कमाऊ रेलवे स्टेशनों की फेहरिस्त में शामिल जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर चढऩे व उतरने के दौरान अब तक कुली की सेवाएं नहीं मिल पा रही है। ऐसे में लंबे सफर की थकावट से पहले व बाद में सामान को लेकर जाना यात्रियों के लिए कष्टदायक हो रहा है। देश के कोने-कोने से आने वाले यात्रियों का सफर जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर थमने बाद उनकी आंखे रेलवे स्टेशन पर मदद के लिए ढूंढती है, लेकिन कुली की सुविधा नहीं होने की जानकारी मिलने पर वे मायूसी झेलते हैं। इस तरह कमाऊ रेलवे स्टेशनों की फेहरिस्त में शामिल जैसलमेर रेलवे स्टेशन में इस सुविधा को लेकर आज तक कोई प्रयास ही नहीं किए गए। जानकारों की मानें तो यदि इस योजना को अमली जामा पहनाया जाता तो सबसे ज्यादा राहत सैलानियों को ही मिलती। कुली की सुविधा से यहां आने वाले यात्रियों को सामान के बोझ से निजात मिल सकती थी।
फैक्ट फाइल
-6 से अधिक ट्रेनें वर्तमान में जैसलमेर स्टेशन से जुड़ी है अन्य स्टेशनों से
-6 हजार के करीब यात्री स्वर्णनगरी में हर दिन रेल से करते हैं आवाजाही
-18 के करीब रेले वर्तमान में जैसलमेर में हो रही संचालित
Published on:
25 Sept 2018 04:32 pm
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