
भीषण गर्मी के बीच 21 जून से विद्यालय खोलने और शिक्षकों के ग्रीष्मकालीन अवकाश में 10 दिन की कटौती का प्राथमिक अध्यापक संघ (लेवल प्रथम) ने विरोध जताया है। इस संबंध में शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजकर निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की गई। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि जून माह में जैसलमेर, बाड़मेर सहित पश्चिमी राजस्थान के कई क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच जाता है।
ऐसे हालात में छोटे बच्चों का विद्यालय आना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए 21 जून के बजाय 1 जुलाई 2026 से विद्यालय संचालन शुरू करने की मांग रखी गई है। संगठन ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि शिक्षा व्यवस्था को समयबद्ध बनाने का प्रयास उचित हो सकता है, लेकिन भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों की अनदेखी करना उचित नहीं है। राजस्थान में जून माह भीषण गर्मी का चरम होता है, ऐसे में यह निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के विपरीत माना गया।
ग्रीष्मकालीन अवकाश में 10 दिन की कटौती को लेकर भी शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। प्रदेशाध्यक्ष विजय सुथार, प्रदेश सभाध्यक्ष खेमराज मीणा, प्रदेश उपाध्यक्ष बलवीर सिंह मीणा, एमए बागवान, प्रदेश सचिव श्याम जागूं और प्रदेश प्रचार प्रसार मंत्री महेंद्र बेनीवाल ने निर्णय को अस्वीकार्य बताया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन पर रहेगी। प्रदेश स्तर पर यह मुद्दा तेजी से चर्चा में है। एक ओर बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा सत्र को व्यवस्थित रखने को लेकर बहस जारी है। गौरतलब है कि प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत 21,446 और प्रारंभिक शिक्षा के अंतर्गत 43,746 विद्यालय संचालित हो रहे हैं हैं। जैसलमेर जिले में प्रारंभिक शिक्षा के 963 और माध्यमिक शिक्षा के 309 विद्यालय हैं। जिले में प्रारंभिक शिक्षा में 2,720 तथा माध्यमिक शिक्षा में 2,246 शिक्षक कार्यरत हैं।
Published on:
01 Apr 2026 07:49 pm
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