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JAISALMER NEWS पाकिस्तान में नई सरकार की आहट के बीच सरहद पर मुस्तैदी

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में सेना के प्रभाव वाली तहरीक-ए-इंसाफ को हालिया चुनाव में मिली सफलता और वहां की भावी सरकार की संभावना के मद्देनजर जैसलमेर जिले के भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है।
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पाकिस्तान में नई सरकार की आहट के बीच सरहद पर मुस्तैदी
-सीमा पर तैनात बीएसएफ के हौसले बुलंद
-स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सीमा पर अलर्ट मोड पर
जैसलमेर. पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में सेना के प्रभाव वाली तहरीक-ए-इंसाफ को हालिया चुनाव में मिली सफलता और वहां की भावी सरकार की संभावना के मद्देनजर जैसलमेर जिले के भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। भारत का स्वतंत्रता दिवस और पाकिस्तान का स्थापना दिवस करीब एक पखवाड़ा भर दूर है, इसे देखते हुए भी सीमा पार से किसी तरह की गड़बड़ी अथवा भारत विरोधी गतिविधि का समय रहते मुंह तोड़ जवाब देने के लिए बल के जवान दिन-रात पेट्रोलिंग में जुटे हैं। बल के अधिकारी कहते हैं कि, जैसलमेर से सटी करीब 471 किलोमीटर लम्बी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारत का पूरी तरह से प्रभुत्व बना हुआ है। किसी तरह की अवांछनीय हरकत का तुरंत जवाब देने को जवान तत्पर रहते हैं।
गत अर्से से कायम है तनाव
-भारत-पाकिस्तान के सीमा क्षेत्र में पिछले कुछ अर्से से लगातार तनाव की स्थितियां कायम हैं।
-गत ईद के मौके पर सीसुब ने पाकिस्तान के साथ परम्परागत रूप से किया जाने वाला मिठाइयों का आदान-प्रदान नहीं किया था।
-बल ने ऐसा जम्मू सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से लगातार की जा रही गोलाबारी के विरोध में किया था।
-अब जबकि वहां आम चुनाव हो चुके हैं तथा सेना की पसंद वाले इमरान खान की पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उभर चुकी है।
-भारतीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां किसी तरह का जोखिम लेने को तैयार नहीं है।
बढ़ाई जा रही नफरी
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर जैसलमेर जिले में सीमा सुरक्षा बल सीमाओं की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर वहां नफरी को लगातार बढ़ाएगा। पूर्व में बल इस अवधि के दौरान नवीनतम तकनीक, बरसों पुराने तजुर्बे और संगठित ताकत का परीक्षण भी करता रहा है। जिले में तैनात बल के अधिकारियों और तकनीकी स्टाफ के साथ जवानों का अधिकाधिक मूवमेंट सीमाई क्षेत्रों में होगा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से सामने आने वाली कमियों को दुरुस्त करवाया जा सके। सीमापार से आतंकियों, घुसपैठियों और तस्करों के भारतीय सीमा में प्रवेश करने की आशंकाओं को निर्मूल करने के लिए कईतकनीकी उपाय अमल में लाए जा चुके हैं तो अन्य पर काम चल रहा है।
शांति के साथ आशंका
वैसे तो पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर सीमा क्षेत्र में आम तौर पर शांति कायम रहती है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के अलावा पंजाब सीमा क्षेत्र में पाकिस्तानी घुसपैठियों और तस्करों पर बेहद सख्ती किए जाने के बाद पष्चिमी राजस्थान का सीमा क्षेत्र पर नापाक हरकतों की आशंका बढ़ जाती है। इसके मद्देनजर जैसलमेर के दक्षिण और उत्तर दोनों सेक्टरों के अंतर्गत आने वाले सीमाई क्षेत्रों में सीसुब चौकसी को फूल पू्रफ बनाने में कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहता।

फैक्ट फाइल
- 464 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है पाक से सटी जैसलमेर सरहद की
- 20 दिन तक सीमा पर सीसुब ने बढ़ा दिया है निगरानी तंत्र
- 3 पाकिस्तानी जिले जुड़े हैं सरहदी जैसलमेर जिले से

खास मौकों पर विशेष
सीमा सुरक्षा बल 15 अगस्त, 26 जनवरी के साथ ही मौसम में आने वाले बदलावों के मद्देनजर विशेष चौकसी करता है।हमारे जवान पूरी तरह से अलर्ट हैं।
- अनिल पालीवाल, आईजी, सीसुब, जोधपुर

सीसुब पूरी तरह से मुस्तैद
सीमाओं की सुरक्षा के लिए सीमा सुरक्षा बल पूर्णतया मुस्तैद और कटिबद्ध है। बल के जवान और अधिकारी प्रतिकूल परिस्थितियों में ऊंचे हौसले के साथ चौकसी कर रहे हैं।
- अमित लोढ़ा, डीआईजी, सीसुब नॉर्थ सेक्टर, जैसलमेर