
जैसलमेर ।
प्रदेश में सूर्य भगवान के तीखे तेवरों से आग बरसने का सिलसिला जारी है। राजस्थान में गर्मी को लेकर अलर्ट के बाद अब जैसलमेर में करीब 27 साल पहले भीषण गर्मी का रिकॉर्ड इस वर्ष टूट सकता है। मौसम जानकारों के मुताबिक बताया जा रहा है कि अगर आंधी का दौर नही चला तो आगामी दिनों में अधिकतम गर्मी के सारे रिकॉर्ड टूटने की संभावना जताई है। सूर्य की प्रचण्ड किरणों के कोप से जैसलमेर दहकते अंगारों की बारिश से भीषण गर्मी की चपेट में है। गत तीन दिनों से पारे की चाल सामान्य से सात डिग्री अधिक है।
तंदूर की माफिक तपने लगा जैसाण
जैसलमेर जिला इन दिनों भट्टी की तरह तप रहा है। जिलें में गर्मी के प्रचण्ड ताप से नंगे पैर चलना अंगारों पर चलने जैसा प्रतीत हो रहा है। आकाश से बरस रही आग धरती को तंदूर की तरह तपा रही है।
इस सीजन का सर्वाधिक तापमान
मौसम विभाग के अनुसार इन दो दिनों में अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री पहुंच गया है, जो इस सीजन का सर्वाधिक तापमान है। इससे पहले गत 30 अप्रेल को अधिकतम तापमान 46.1 डिग्री रहा था। पारा गत तीन दिनों में इतना उछला की 46 डिग्री को भी पार कर सीजन के सबसे ज्यादा तापमान में रिकॉर्ड दर्ज करवा लिया।
- शनिवार को 45 डिग्री
- रविवार को पारा 46 डिग्री
- और सोमवार को यह 46 डिग्री पार कर गया।
बन सकते हैं गर्मी के नए रिकॉर्ड
यही हाल रहे तो इस सीजन में गर्मी के नए रिकॉर्ड बन सकते है। बीतें सालों में 49 डिग्री भी तापमान पहुंच गया था। ऐसे में अब गर्मी के वापिस से वही तेवर है हाल ही में पारा 46 तो पार कर ही गया है। अगर ये तापमान यूं ही बढ़ता रहा ये पारा भी नया रिकॉर्ड बना लेगा। ऐसे में जैसाण में दहकते अंगारों की बारिश से बज रही खतरे की घंटी बज रही है।
इन सालों में पड़ी सर्वाधिक गर्मी
- गत 38 वर्षों में सर्वाधिक तापमान 3 जून 1991 में 49.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
- 7 जून 2011 में सर्वाधिक तापमान 48.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अब तक का दूसरा सर्वाधिक तापमान रहा।
- 18 व 19 जून 1992 में तीसरा सर्वाधिक तापमान 48.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
Published on:
29 May 2018 03:44 pm
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